Sunday, 20 January 2013

खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

 खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार
महकी महकी फिज़ाओं पे आता है प्यार।

उनका दामन हवाओं में उड़ने लगा है
हमको ऐसी हवाओं पे आता है प्यार।

रात भर हम नहीं सो सके डर के मारे
उनको काली घटाओं पे आता है प्यार।

वक़्त आने पे सब छोड़ जाते हैं साथ
यूं तो सारे खुदाओं पे आता है प्यार।

उनको सिजदा करो, सर झुका के हज़ूर
ऐसे उनको दुआओं पे आता है प्यार।

देख लो ये कहां पर है लाई हयात
अब हमें इन कज़ाओं पे आता है प्यार। 

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