भारत से हथियार मांगे अमेरिका ने ( मानो या न मानो ) डॉ लोक सेतिया
ये कोई राज़ की बात तो नहीं है दुनिया जानती है हमारी धार्मिक कथाओं में वर्णित हथियार कितने कारगर साबित हुआ करते थे । अमेरिका के शासक को ईरान से जंग में मात दिखाई देने लगी तब उसको भारत के मित्र शासक की कही बात याद आई , उन्होंने बताया था हमारे देश में अभी भी जब किसी देश की टीम से खेल में आमना सामना करना हो हम धार्मिक आयोजन करते हैं विश्वास करते हैं ईश्वर हमारी टीम को विजयी बनाएगा । पौराणिक कथाओं में वर्णित तरह तरह के अस्त्र शस्त्र को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी थी तब उन्होंने अमेरिका को जिसे तब अमेरिकी शासक ने अवैज्ञानिक तथ्यरहित समझ महत्व नहीं दिया था । लेकिन जब अभी युद्ध को लेकर आपस में विचार विमर्श हुआ तब अमेरिकी शासक को ध्यान आई पुरानी बात और उन्होंने पूछा क्या अभी भी ऐसा कुछ आपके पास है । भारत के शासक ने प्रमाण प्रस्तुत करने को भगवत गीता रामायण से महाभारत पर बनाई फिल्मों के अंश भेजने के साथ साथ आधुनिक काल की बाहुबली जैसी कितनी फिल्मों के दृश्य भी भिजवा दिए । इतना ही नहीं हमारे टीवी सीरियल में नागिन से लेकर तंत्र मंत्र पर आधारित तमाम कहानियों को भी सांझा किया । अमेरिकी शासक ने पूछा क्या वास्तव में ऐसा सच हो सकता है तो भारत के शासक ने जवाब दिया अगर पूर्ण विश्वास करते हैं तब कुछ भी असंभव नहीं है । पुछले कितने साल से मेरी विजय का सबसे प्रमुख कारण यही आस्था और विश्वास है । जनता का बहुमत भरोसा करता है कि मैं चाहे कुछ भी करता हूं वही उचित है , इतना ही नहीं मुझ पर कोई शंका करना देशभक्ति पर प्रश्न चिन्ह प्रतीत होता है । लोकतांत्रिक राजनीतिक नैतिक परंपराओं से पहले मुझ पर आस्था और विश्वास समझा जाता है । अमेरिकी शासक ने तब उनको सभी पौराणिक हथियार उपलब्ध करवाने की मांग रख दी जिसे इनकार नहीं करना आपसी संबंधों की ज़रूरत है । मैं जानकारी लेता हूं कि ऐसा कैसे मुमकिन है कुछ समय की मोहलत अमेरिकी शासक ने घोषित कर दी जैसी उनकी आदत है ।
बात कहने से पहले सोचना चाहिए उस के बाद बात को तोलना चाहिए तब बाद में बोलना चाहिए , उनको सलाहकार ने बताया कि ऐसा बड़े बूढ़े कहते थे । लेकिन अब तीर कमान से निकल चुका है अब कोई ढंग ऐसा निकालना होगा कि चतुराई से अपनी लाज बच सके । ऐसे में एक विचारक ने जवाब लिख कर देने का दायित्व संभाला है । उन्होंने लिखा है जैसा आपको विदित है पौराणिक हथियार उपयोग करना केवल उन्हीं को आता है जिन्होंने धर्मशास्त्रों का अध्यन और पाठन कर सिद्धियां हासिल की हों । क्योंकि कुछ सालों से ऐसा केवल फ़िल्मी लोग कलाजगत उद्योग उपयोग करते रहें हैं उनके पास ही फारमूला नुस्ख़ा या सिद्धांत है जो इक गोपनीय है कोई किसी को बताता नहीं है । क्योंकि जिनके पास है उन्होंने यही सब दिखला कर इतना अधिक धन और शोहरत कमाई है जो उनकी अगली हज़ारों साल तक की आमदनी का सुरक्षित तरीका है उनसे कोई किसी कीमत पर हासिल नहीं कर सकता है । आपको ईरान के पास जितना तेल ईंधन सोना और कीमती सामान दिखाई देता है उन सभी से मूलयवान हमारी ये पूंजी है । अमेरिका की अर्थव्यस्था कभी हमारी बराबरी नहीं कर सकती अर्थात आपको वो सब बेचना संभव नहीं है आपका सब कुछ गिरवी रखना भी थोड़ा होगा । लेकिन क्योंकि आपने मित्रता की बात कही है इसलिए कभी बाद में युद्ध ख़त्म होने के बाद उसको लेकर कोई डील ठीक उसी तरह की जा सकती है जैसे अभी अभी आपने हम पर डील थोपी है भविष्य में कितने साल तक अमेरिका से खरीदारी को लेकर । अब आया ऊंठ पहाड़ के नीचे , जवाब ने लाजवाब कर दिया है ।

















