अप्रैल 06, 2022

ज़मीं पर फ़रिश्ता थी मां ( श्रद्धासुमन ) डॉ लोक सेतिया


            ज़मीं पर फ़रिश्ता थी मां ( श्रद्धासुमन ) डॉ लोक सेतिया 

दुनिया की नज़र में पत्नी की माता सास होती है मगर मुझे उन्होंने कभी दामाद नहीं समझा हमेशा बेटा ही समझा मेरे लिए बड़ी खुशनसीबी थी मुझे इस तरह कुछ और महिलाओं ने मां भी ममता और स्नेह का आशीर्वाद दिया और मैंने उन सभी में अपनी मां की छवि देखी। मुझे अपनी मां से अधिक प्यारा और सुंदर दुनिया का कोई शख़्स नहीं लगा कभी। 18 साल पहले मुझे जन्म देने वाली मां दुनिया को छोड़ गई लेकिन मेरे मन में उनकी स्मृति हर क्षण बनी रही और जीवन भर रहेगी। मांओं की ममता का क़र्ज़ चुकाया नहीं जा सकता है दुनिया की दौलत देकर भी। मेरी इच्छा है कोई अगला जन्म हो तो अपनी मां और सभी मांओं की मामता की छांव में जीवन बिताने उनकी सेवा करने में व्यतीत हो। 
 
शायद कभी न कभी सभी के जीवन में ऐसा कठिन समय आता है जब हालात इस सीमा तक खराब होते हैं कि आपको अपनी ही ज़मीन जायदाद हक़ ही नहीं करीबी लोगों दोस्तों की ज़रूरत पड़ती है ज़िंदगी की जंग लड़ने के लिए मगर कुछ भी हासिल नहीं होता। दुनिया अजनबी गैर ही नहीं दुश्मन बन जाती है और बिना कारण हर कोई आपसे किनारा ही नहीं करता बल्कि आपको तबाह बर्बाद करने में शामिल हो जाता है। आपकी ज़िंदगी की कश्ती तूफ़ान में मझधार में हिचकोले खाती है और तमाम लोग डूबने का तमाशा देख रहे होते हैं। ऐसे भयानक हालात कुछ महीने या कुछ साल रहते हैं जब आपका बिखर जाना संभव होता है और संभलना बहुत मुश्किल। 
 
रूह कांपती है अभी भी सोचने पर हम कैसे उन हालात से सुरक्षित बाहर निकले। उस समय सिर्फ इक शख़्स था जो हमारे लिए इस ज़मीं पर फ़रिश्ता जैसा था वो थी मां जो 23 मार्च को चली गई दुनिया को छोड़ कर। अब कोई नहीं सर पर आशीर्वाद का हाथ रखने वाला भले हालात बदलते लोग बदल कर दूरियां मिटा साथ चलने लगे। मगर खराब हालात में ढांढस बंधाने और हिम्मत देने वाला फ़रिश्ता फिर कोई नहीं मिलेगा। जिन घनघोर अंधेरों में खुद अपना साया साथ छोड़ जाता है उस में सहारा देने वाले फ़रिश्ते के पास धन दौलत जैसा कुछ भी नहीं था लेकिन उसका साथ और हर तरह से कोशिश कर रास्ता निकालने की चाहत सब कर सकती थी। और उस ने ऐसा सिर्फ हमारे लिए ही नहीं किया बल्कि उनका जीवन हर किसी के लिए हमेशा मुश्किल हालात में साथ देने और निभाने की मिसाल रहा है। न जाने कितने अपनों परायों की मां सभी दिलों में बसती है।

1 टिप्पणी:

Sanjaytanha ने कहा…

कोटिशः नमन...विनम्र श्रद्धांजलि💐