जुलाई 31, 2017

कौन बनाएगा किसे बनाएगा ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

   कौन बनाएगा किसे बनाएगा ( तरकश ) डॉ  लोक सेतिया 

    कौन है जो घोषणा कर रहा अगला चुनाव कौन जीतेगा और किसे प्रधानमंत्री बनाया जायेगा। वही जो पिछली बार नहीं बनने की बात कहता था तब गलत साबित हुआ। क्योंकि लोग भूल जाते हैं देश में संविधान नाम का कुछ है जो केवल जनता को अधिकार देता है विधायक सांसद चुनने का और विधायकों सांसदों को हक होता है अपना नेता चुनने का। इधर तो पहली सरकारों से भी आगे बढ़कर एक दो लोग जिसे मर्ज़ी राज्य का मुख्यमंत्री क्या देश का राष्ट्रपति तक तय करते हैं। संसद की चौखट पर माथा टेकने से संसद मंदिर नहीं बनती है आपको संविधान की अनुपालना करनी होती है।
 
मतलूब सब हाकिम बने तालिब नहीं कोई यहां
कैसे बताएं अब तुम्हें ऐसी सियासत बन गई।

( मतलूब=मनोनित। तालिब=निर्वाचित )

    इक बात समझनी ज़रूरी है ये मानसिकता गुलामी की है जो लोग किसी को इतना महिमामंडित करने लगते हैं मानों जनता ने प्रतिनिधि नहीं कोई देवता चुना है आराधना करने को। मगर इतिहास गवाह है देश की जनता ने उसकी ज़मानत तक ज़ब्त करवा दी थी जिसे लोग इंदिरा इज़ इंडिया बताते थे। हद तो ये है कि ऐसे नेता का मकसद देश की जनता की भलाई करना नहीं अधिक से अधिक सत्ता हासिल करना है। जब ध्येय ही अगला चुनाव और कभी किसी राज्य में सरकार बनाना चुनाव जीतना किसी भी तरीके से बन गया तब वास्तव में बदलता कुछ भी नहीं। आज तीन साल बाद झूठे प्रचार के सिवा क्या किया है आपने। क्या ये आज तक का सब से बड़ा घोटाला नहीं है देश का धन बर्बाद किया अपने गुणगान पर। जोड़ तोड़ में कभी हरियाणा के भजनलाल माहिर थे आज अमित शाह और मोदी गुरु हैं इस काम के। मगर क्या इसे ही अच्छे दिन कहते हैं। सब से अहम बात किसी भी को ये अधिकार नहीं कि बताये जनता किसे बनाएगी या हटाएगी। न टीवी मीडिया वालों को न ही फेसबुक पर चाटुकारिता की दुकानदारी करने वालों को न किसी नितीश कुमार जैसे अथवा अन्य दल के नेताओं को है। क्या हम देशभक्त हैं अथवा किसी व्यक्ति की भक्ति करते हैं। 

 

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