मई 29, 2017

POST : 652 तुझे भगवान बनाया हम भक्तों ने ( इक भजन सब से अलग है )

 तुझे भगवान बनाया हम भक्तों ने ( इक भजन सब से अलग है )


ये भजन मेरी माता जी हर समय गाती - गुनगुनाती रहती थी । मैंने फिल्मों में और सभी जगह बहुत भजन सुने हैं मगर मुझे जो अलग बात इस भजन में लगती है । कहीं और नहीं मिली अभी तलक । भजन का मुखड़ा ही याद है उसके बाद उस भजन की बात को खुद मैंने । अपने शब्दों से सजाने का प्रयास किया है । ये भजन अपनी प्यारी मां को अर्पित करता हूं ।


भगवन बनकर तू अभिमान ना कर 
तुझे भगवान बनाया हम भक्तों ने ।

पत्थर से तराशी खुद मूरत , उसे 
मंदिर में है सजाया हम भक्तों ने ।

तूने चाहे भूखा रखा हमको तब भी 
तुझे पकवान चढ़ाया हम भक्तों ने 
 

फूलों से सजाया आसन भी हमने ही 
तुझको भी है सजाया हम भक्तों ने ।

सुबह और शाम आरती उतारी है  
इक तुझी को मनाया हम भक्तों ने ।

सुख हो दुःख हो , हर इक क्षण में 
घर तुझको है बुलाया हम भक्तों ने ।

जिस हाल में भी रखा है हमको 
सर को है झुकाया हम भक्तों ने ।

दुनिया को बनाया होगा तुमने कभी  
खुद तुझी को है बनाया हम भक्तों ने । 
 
 भक्ति में भगवान को बनाने की शक्ति है।