तुझे भगवान बनाया हम भक्तों ने ( इक भजन सब से अलग है )
ये भजन मेरी माता जी हर समय गाती - गुनगुनाती रहती थी । मैंने फिल्मों में और सभी जगह बहुत भजन सुने हैं मगर मुझे जो अलग बात इस भजन में लगती है । कहीं और नहीं मिली अभी तलक । भजन का मुखड़ा ही याद है उसके बाद उस भजन की बात को खुद मैंने । अपने शब्दों से सजाने का प्रयास किया है । ये भजन अपनी प्यारी मां को अर्पित करता हूं ।
भगवन बनकर तू अभिमान ना कर
तुझे भगवान बनाया हम भक्तों ने ।
पत्थर से तराशी खुद मूरत , उसे
मंदिर में है सजाया हम भक्तों ने ।
तूने चाहे भूखा रखा हमको तब भी
तुझे पकवान चढ़ाया हम भक्तों ने ।
फूलों से सजाया आसन भी हमने ही
तुझको भी है सजाया हम भक्तों ने ।
सुबह और शाम आरती उतारी है
इक तुझी को मनाया हम भक्तों ने ।
सुख हो दुःख हो , हर इक क्षण में
घर तुझको है बुलाया हम भक्तों ने ।
जिस हाल में भी रखा है हमको
सर को है झुकाया हम भक्तों ने ।
दुनिया को बनाया होगा तुमने कभी
खुद तुझी को है बनाया हम भक्तों ने ।

2 टिप्पणियां:
Wahhh bahut bdhiya👍
Waahh👍
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