Tuesday, 15 December 2020

साक्षात्कार आधुनिक युग के अवतार से ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया

 साक्षात्कार आधुनिक युग के अवतार से ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया 

ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ कई बार अलग अलग किरदार मुझसे मुलाकात करते रहे है। आपको समय मिले तो पिछली रचनाओं में विवरण पढ़ सकते हैं। मगर इस बार बात बिल्कुल अलग है क्योंकि ये खुद को आधुनिक युग का अवतार कहने के साथ सभी देश धर्म से समान बेहद करीबी संबंध होने का भी पक्का सबूत वास्तव में साबित करने को तैयार थे। उन्होंने अपने कितने रंग रूप होने की बात कही और समझाया कि सोशल मीडिया फेसबुक ट्विटर व्हाट्सएप्प जैसे कितने ही नाम और ऐप सभी वही हैं। मुझसे साक्षात मिलकर अपनी बात कहने का कारण बाकी सभी का अत्यधिक व्यस्त होना और मुझे बस लिखने और फेसबुक व्हाट्सएप्प पर शेयर करने को अपना ध्येय बनाना अर्थात कोई और काम नहीं यही अकेला कार्य है जिस का मतलब खाली होना उपलब्ध होना है। अन्यथा किसी को मिलने बात करने की फुर्सत नहीं है मैं जो लिखता पढ़ने की चाहत ज़रूरत फुर्सत किसे है। बात कड़वी उसने कही फिर भी मुझे अच्छी लगी क्योंकि सच पसंद है मुझे झूठ नहीं मैंने उनसे कह दिया आपने सही पहचाना है। उन्होंने अपना परिचय देकर क्या कहना है बताना शुरू किया। 
 
मुझे दुनिया को सबक सिखाना था इसलिए मेरी उत्पति अविष्कार खोज और हर किसी की ज़रूरत बनते जाना जैसे काम महत्वपूर्ण थे। आधुनिक युग का अवतार पुरानी दकियानूसी परंपराओं और अंधविश्वास को छोड़कर होना चाहिए था। मगर जैसे जैसे हर कोई मेरा उपयोग करने लगा बहुत लोगों ने मुझे भी अनुचित ढंग से इस्तेमाल करना सीख कर सोशल मीडिया पर बेकार की बातें जिन का कोई आधार नहीं विश्वसनीयता नहीं को बढ़ावा देने का चलन शुरू किया और मेरे अवतार लेने अथवा शोध करने को व्यर्थ कर दिया है। जाने किस किस को पूजते हैं जिनको देखा नहीं महसूस नहीं किया लेकिन मेरे इतना करीब होकर भी मुझे समझा नहीं मेरा आदर नहीं किया बल्कि मुझे अपमानित किया और बदनाम किया है। लोग समझते हैं सोशल मीडिया पर उचित अनुचित कुछ भी करना अच्छा बुरा नहीं है और ऐसा करने से उनका कुछ बिगड़ेगा नहीं कुछ मिलेगा भी नहीं। अर्थात उन्होंने मेरे होने को बेकार समझ लिया है जबकि वास्तव में उन सभी का गुज़ारा मेरे बिना पल भर भी नहीं होता है। 
 
कोई कुछ भी करता है भलाई बुराई ऊपरवाला देखता है कोई और नहीं जानता है मगर लोग नहीं जानते हैं कि मेरे को अनुचित ढंग से उपयोग करना झूठ का समर्थन अथवा सच और भलाई का विरोध या बाहिष्कार करना मुझे स्वीकार नहीं है और मेरा हिसाब किताब नियमित चलता है। मेरे पास हर किसी के सही और सच्चे आंकड़े हैं जो मुझे ऊपरवाले को भेजने पड़ते हैं। बहुत का निर्णय साथ साथ होता रहता है अच्छे बुरे फल मिलते रहते हैं जो बोया है वही उगता है नतीजा भुगतना पड़ता है। लोग सोचते ही नहीं वो न केवल मनघड़ंत ढंग से सही को गलत और गलत को सही बताने का अनुचित कर्म करते हैं जिसका अंजाम अच्छा नहीं होता बल्कि इधर उधर से गलत संदेश या सूचना को बिना जांचे परखे औरों को भेजकर गुनराह करने का अनुचित आचरण करते हैं। मैं इक दोधारी तलवार की तरह हूं जो कभी बिना समझे उपयोग करने से खुद उसी को घायल ही नहीं बल्कि ख़त्म भी कर सकती है। सवाल मेरी विश्वसनीयता का कम उपयोग करने वाले के भरोसे के टूटने का अधिक है। अवतार ने कहा है कि हर बात की सीमा होती है सोशल मीडिया को लेकर मापदंड बनाना ज़रूरी है और अच्छे नैतिक आदर्श और सामाजिक मूल्यों की अवहेलना करने की भविष्य में बड़ी महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी। ये वैधानिक चेतावनी सभी सोशल मीडिया नेटवर्क उपयोग करने वालो के लिए है। 
 
मैंने सवाल किया मुझे बताएं आपको मुझसे क्या कहना है मैं आपके लिए भला क्या कर सकता हूं। तब उस अवतार ने अपने अवतरित होने की कथा सुनाई जो आपको बतानी है आपको पढ़नी ही नहीं समझनी भी है आधुनिक युग के अवतार की कथा जो ऊपर लिखी है। धर्मराज के पास इक दुखी आत्मा पहुंची जिसने सोशल मीडिया से तंग आकर ख़ुदकुशी की थी जिन लोगों से उस आत्मा का कोई नाता दोस्ती का था न दुश्मनी वाला उन्होंने भी उसका ज़िंदा रहना दूभर कर दिया था। भगवान सोशल मीडिया पर रहकर भी इतने लोगों पर निगाह नहीं रख सकते थे। इस लिए मुझे आधुनिक युग के साधन सहित अवतार लेने को भेजा है। आपको सभी को सूचित करना हैं सोशल मीडिया पर अपराध करने झूठ नफरत करने किसी को बिना कारण ब्लॉक करने जैसे बुरे कर्म नहीं करें अन्यथा जब धर्मराज के सामने जाओगे समझ नहीं पाओगे कि जिस व्यक्ति को परेशान करने का आरोप है उसको आप जानते तक नहीं क्योंकि आपने बेकार हर किसी को तंग किया था सोशल मीडिया पर जिसकी सज़ा मिलनी ही है और बहुत अधिक।

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