Monday, 25 June 2018

हम शाकाहारी तुम मासाहारी - घोटालों की अनंत कथा - डॉ लोक सेतिया

     हम शाकाहारी तुम मासाहारी - घोटालों की अनंत कथा - 

                              डॉ लोक सेतिया 

 इस कथा का कोई  भी अंत नहीं है , आदि भी कहां से शुरू हुए भगवान जनता है। उनके घोटालों की बात और थी इनके घोटालों की अलग है। उस के भी खुद खाने की बात नहीं थी इसके भी खुद खाने का सुबूत नहीं है। सीख लिया शायद स्नानघर में रेनकोट पहन कर नहाना। मगर देखने वालों को राजा नंगा है जैसी बात लगती है लेकिन सच बोलने वाला बच्चा समझदार हो गया है। वो बताता ही नहीं इनके घोटालों की बात। जो खुद खाने को मिलता है उसे पचा लेते हैं डकार तक नहीं लेते। सब से बड़ा घोटाला सरकारी झूठे विज्ञापन का ही हैं जो अख़बार टीवी वालों को दिखाई नहीं देता मगर जनता का धन कुछ लोगों को देना जिस से हासिल कुछ नहीं हो घोटाला ही होता है। शाकहारी मासाहारी घोटालों को नहीं कह सकते। आज की खबर है हरियाणा की सरकार के स्वर्ण जयंती समारोह और जीता जयंती महोत्सव में 2017 मैं नियमों को ताक पर रख कर धन बर्बाद किया। निजी आयोजन पर भी खर्च का मामला आया है। दस किलोमीटर की दौड़ पैंतीस लाख की बर्बादी। ये रुकता नहीं है।  अभी दो दिन पहले की बात बताता हूं अपने शहर में जो जो हुआ।
         24 जून को मनोहर लाल खटट्र जी पुलिस विभाग द्वारा आये दिन आयोजित तमाशे राहगिरी में शामिल होने आये। पहले घोषणा की पुलिस लाइन्स में फिर पपीहा पार्क और आखिर आये लाल बत्ती चौक से एक किलोमीटर तक साईकिल चलाकर , हिसाब मत पूछो। जो हुआ सामने देखा बताता हूं। कई दिन तक सभी विभाग इसी काम में लगे रहे। जब सी एम को आना हो तभी सफाई और अनाधिकृत कब्ज़ों को तीन दिन को हटवाना भी उचित नहीं। सब से अजीब बात जो खुले में शौच बंद करने और आवारा पशु मुक्त होने का दावा ही नहीं उसका इनाम भी अधिकारी ले आये थे उसकी असलियत सामने आई है। ये तस्वीरें गवाह हैं।



ये चलते फिरते शौचालय जींद से आये हैं लिखा पढ़ सकते हैं। इनको खड़ा किया गया उसी तरह जैसे जी टी रोड पर योग करते गीत गाते खेलते बच्चे झांकियों की तरह। मगर इनका उपयोग किया ही नहीं जा सकता था , इनको सीवर लाइन से जोड़ने की ज़रूरत नहीं थी क्योंकि खेल खत्म होते ही वापस जाने थे।

                                             अवैध कब्ज़ों की बात

अगर वो सब गलत नहीं हैं जो रेहड़ियां लगाकर फुटपाथ रोककर और रोज़ अपनी गंदगी बीच राह सड़क पर डालकर बदबू और बिमारियों को बुलावा देते हैं तो मुख्यमंत्री के आने से दो तीन दिन पहले उनको हटाना और सी एम के राहगिरी मैं शामिल होकर जाते ही फिर सी उनको अनुमति देना दोनों बातें घोटाला हैं। आप सब कर सकते हैं वी आई पी के आने पर मगर बाक़ी रहने वाले आम नागरिक परेशान हों तो होते रहें। इस तरह कितना धन बर्बाद किया जा रहा है। सिरसा के बाबा का सालों से अवैध घोषित कई किलोमीटर का निर्माण जिस में होटल सिनेमाहाल रिसोर्ट शामिल है आजकल की सरकार वैध कर देती है इक अध्यादेश से। मोदी जी विदेश यात्राओं पर केवल चार्टेड विमान पर 375 करोड़ की राशि 40 यात्राओं पर खर्च करते हैं पूरा हिसाब तो कोई लगा नहीं सकता है। 

                          निराश नहीं होने खुश रहने का उपदेश 

  हरियाणा के मुख्यमंत्री भाषण देते हैं ये राहगिरी आपको निराशा छोड़ खुश रहने की खातिर है। चलो ये बात समझ आई कि लोग आपकी और मोदी जी की सरकार से निराश हो चुके हैं। मगर इस तरह का मनोरंजन आपको खुश करता होगा या आपके ख़ास लोगों अधिकारीयों को , आम नागरिक को तो आपके आने से पहले रुकावटों से ही परेशानी होती है। जब सब गलत होता हो सामने तब लोग खुश कैसे रह सकते हैं भला। नीरो की तरह बंसी बजाना उचित नहीं है। हरियाणा राज्य में सभी सरकारी ऐप्स धोखा हैं दफ्तर में बैठे बिना कोई समाधान किये बता देते हैं ठीक हो गया। मेरी सी एम विंडो की शिकायत कितनी बार बंद हुई खुली गिनती नहीं है। आखिर में मुख्यमंत्री कार्यालय लिखता है ये शिकायत नहीं सुझाव है। कोई अच्छा सुझाव देता है यही मानकर सुधार करते। आपको सुझाव भी आर एस एस के पसंद हैं और बड़े पद पर नियुक्ति के लिए योग्यता भी उस संस्था का सदस्य होना है ये अपने आप में घोटाला ही है। मगर मीडिया पर फेसबुक पर जो प्रचार है उस से सच्चाई को कब तक सामने आने से रोक सकते हैं।

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