Thursday, 18 October 2018

मुफ्त दवा दे देना मुफ्त सलाह मत देना ( अनुभव ) डॉ लोक सेतिया

 मुफ्त दवा दे देना मुफ्त सलाह मत देना ( अनुभव ) डॉ लोक सेतिया 

     जब मैंने डॉक्टर बनकर अपनी क्लिनिक खोली तब मुझे कुछ महीने साथ रखकर शिक्षा देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर ने मुझे नीले रंग का अंर्तदेशीय पत्र लिखकर जो बातें समझाईं थी उनमें ये भी शामिल था कि कोई गरीब हो तो बेशक उसे अपनी फीस से कई गुना महंगी दवा बिना पैसे लिए दे देना मगर कभी भी अपनी सलाह की फीस किसी को भी नहीं छोड़ना। मैंने उनकी समझाई अन्य तमाम बातों को भरसक कोशिश कर पालन करने का ध्यान रखा मगर अपनी फीस को लेकर कभी ऐसा नहीं कर सका जो वास्तव में उचित था। आज भी मैं समझता हूं अधिकतर लोग मुफ्त मिली सलाह की कीमत नहीं समझते हैं। डॉक्टर की फीस हर किसी को अनुचित लगती है मगर दवा कितनी महंगी हो या जांच पर कितने पैसे खर्च होते रहें उनको अनुचित नहीं लगता है। जबकि सबसे अधिक कीमत डॉक्टर की राय की ही होती है और समझी जानी चाहिए। मुझे लगता है अधिकतर जिन छोटे शहरों में मरीज़ डॉक्टर को उचित फीस नहीं देना चाहते उनसे ही उससे भी अधिक दवाओं और जांच करवाने पर खर्च करवाते हैं डॉक्टर। पुरानी कहावत है पानी पुल के नीचे से सी बहता है , सीधी तरह नहीं मिलती तभी लोग उलटी तरह से वसूल करते हैं। जो लोग रस्ते चलते या कहीं भी मिलते डॉक्टर से राय लेते हैं उनको पता होना चाहिए इस तरह की अधकचरी सलाह हानिकारक हो सकती है। मगर लोग केमिस्ट से या किसी के भी कहने से दवा लेकर खुद अपनी ज़िंदगी से खिलवाड़ करते हैं। कई लोग डॉक्टर के पास जाते हैं तब भी खुद ही बहुत जल्दबाज़ी करते हैं और डॉक्टर को अपनी बात बताने और उसके बाद डॉक्टर की सलाह को ठीक से समझते तक नहीं है। सही निदान सही दवा भी रोगी को ठीक नहीं कर सकती अगर सही ढंग से ली नहीं जाये तो। मैंने कई लोगों को ऐसा करते पाया है , पांच दिन की दवा ली मगर दस दिन बाद आकर बताते हैं आज खत्म की है अर्थात अपने सही डोज़ नहीं ली है और कम डोज़ से आप ठीक नहीं हो सकते हैं। अपने डॉक्टर पर भरोसा रखना ज़रूरी है और ये भी समझना होगा कि हर डॉक्टर अपने रोगी को तंदुस्त करना चाहता है। अगर आप केवल डॉक्टर की फीस से बचने को खुद दवा खाते हैं किसी भी तरह से जानकारी लेकर तो आपको ऐसा करना बहुत महंगा पड़ सकता है। बिना डॉक्टर की राय दवाएं खाई जाती हैं भारत देश में जिनसे रोग और बढ़ते जा रहे हैं ऐसी चेतावनी विश्व स्वास्थ्य संगठन कई बार देता रहता है। आपको एक बात समझनी ज़रूरी है कि हर दवा के दुष्प्रभाव होते हैं और जिन दवाओं की ज़रूरत नहीं हो लेकर आप कोई बीमारी खरीद रहे हो सकते हैं। जिस दिन आपको डॉक्टर की सलाह का सही अर्थ समझ आएगा आपको डॉक्टर की फीस अधिक नहीं लगेगी और आप खुद चाहोगे डॉक्टर अपनी फीस ले मगर आपका उपचार उचित ढंग से हो। केमिस्ट जांच लैब दवा कंपनियों से हिस्सा नहीं लेंगे डॉक्टर तो अपने जो फीस दी उससे अधिक फायदा आपको खर्च में भी होगा और अच्छी दवाओं और ज़रूरी टेस्ट पर भी कम खर्च होगा। इस बार किसी भी डॉक्टर से ईलाज करवाने जाओ तो ये बात खुद कहना आपको फायदा ही होगा कोई नुकसान नहीं।

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