Friday, 30 March 2018

सब को करोड़पति बनाएगा गुलाबी धन ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया ( भाग एक )

 सब को करोड़पति बनाएगा गुलाबी धन ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

                            ( भाग एक )

सब मिलकर वही पुराना गीत गाया करेंगे , ऊपर वाले तेरी दुनिया में कभी जेब किसी की न खाली रहे। कोई न गरीब रहे जग में हर पॉकेट में हरियाली रहे। सच कहता हूं सुबह सवेरे उठते इस से अच्छा भजन मुझे कोई नहीं लगता। सब की भलाई मांगना , सब का साथ सब का विकास , सब लोग इक समान बराबर। यही आदर्श स्थिति है , कल ही अन्ना हज़ारे जी ने उपवास त्याग दिया इतनी जल्दी तो उसमें राज़ की बात यही है। जिस तरह से अचानक नोटेबंदी की घोषणा की गई थी उसी तरह से पहली अप्रैल को कालाधन और सफेदधन का भेदभाव खत्म कर दिया जायेगा। इंडिया में काले गोरे का भेद नहीं कर किसी से अपना नाता है , कुछ और न आता हो हमको हमें प्यार निभाना आता है। है प्रीत जहां की रीत सदा मैं गीत उसी के गाता हूं , भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता हूं। गांधी जी से लेकर अभिनेता मनोज कुमार तक सभी महात्मा लोग हर देशवासी के लिए रोटी कपड़ा और मकान चाहते थे और उपकार की बात लालबहादुर शास्त्री और मनोजकुमार ने मिलकर समझी थी तभी जय जवान जय किसान का नारा पॉपुलर हुआ और देशभक्ति हमेशा हिट रही है। वास्तव में देशभक्ति से सुरक्षित कोई कारोबार नहीं है , जिस को इसका कारोबार समझ आ गया वही जनता के दिलों पर छा गया। 
        आपका सभी देशवासियों का इंतज़ार खत्म होने को है। पहली अप्रैल को भारत सरकार घोषणा करने वाली है कि उसी दिन से कालेधन और सफेदधन की बात करना भी मना होगा। उस अध्याय को ही बंद कर दिया जायेगा और सारा का सारा धन गुलाबी धन कहलायेगा। नया ज़माना आएगा नया ज़माना आएगा। फिर वही दृश्य सामने आएगा , अभिनेत्री हेमामालिनी गाती होगी और अभिनेता धर्मेंद्र सुन कर मुस्कुराएगा। उसकी किताब खलनायक ने अपने नाम छपवा ली तो क्या हुआ , अपनी चोरी की बात भूल खलनायक की बहन से इश्क़ लड़ायेगा। आप सब बेचैन थे असली आज़ादी समानता और सब लोगों की ज़िंदगी खुशहाल बनाने वाले सपनों जैसे अच्छे दिन क्यों नहीं आये हैं। चार साल से जिसकी चाहत सभी करते आये हैं। लो देखो जनाब आपके लिए क्या क्या नहीं लाये हैं। 
          सरकार अपना वादा निभाने जा रही है , इक सुनहरे रंग का लाखों का नहीं करोड़ करोड़ रूपये का चैक सब को भिजवा रही है। सदी के सब से बड़े महानायक कहलाने वाले के हस्ताक्षर वाला चैक छपवा सीधे सब के खाते में भिजवा रही है। देखो देश की जनता मध्यम सुर में गुनगुना रही है। गुलाबी धन की सुंदर करंसी घर घर आ रही है , बेटी नहीं पढ़ी लिखी तो क्या हुआ , चेहरे पर गुलाबी आभा छा रही है। वो देखो वो आ रही है ये देखो वो जा रही है। पूरी तैयारी हो चुकी है इस बार नोटेबंदी जैसी चूक नहीं होगी , किसी ज़माने में सरकार बांड के रूप में प्रमाणपत्र जारी किया करती थी , इधर उसका चलन नहीं रहा है , अब तो टीवी पर खेल खेलते खेलते महानायक आपका पैसा आपने खाते में भिजवा देते हैं। ये बहुत सुरक्षित है जल्दी हो जाता है और आसान भी है समझाते हैं। जिस तरह सिंगापूर की सरकार ने हर नागरिक को सौ डॉलर से तीन सौ डॉलर देने की घोषणा की है ठीक उसी तर्ज़ पर पहली अप्रैल से शुरू होने वाले वित वर्ष में सब करों को , जी बिल्कुल ठीक पढ़ा आपने सभी करों को , आयकर से जी एस टी तक सबको समाप्त करने का ऐलान करने जा रही है। सब को घर बैठे करोड़पति बनवा रही है इक सुनहरी रंग का चैक बंटवा रही है। 
       ( अभी इतना ही बाकी की रचना कल पहली अप्रैल को लिखी जाएगी )
शेष भाग कल के अंक में ,,,,,,, इंतज़ार करियेगा।