अगस्त 26, 2012

POST : 82 जा के किस से कहें हमको क्या चाहिए ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

 जा के किस से कहें हमको क्या चाहिए ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

 
जा के किस से कहें हमको क्या चाहिए
ज़हर कोई न कोई दवा चाहिए ।

और कुछ भी तो हमको तम्मना नहीं
सांस लेने को थोड़ी हवा चाहिए ।

हाल -ए -दिल आ के पूछे हमारा जो खुद
ऐसा भी एक कोई खुदा चाहिए ।म 

अपनों - बेगानों से अब तो दिल भर गया
एक इंसान इंसान सा चाहिए ।

देख कर जिसको मिट जाएं दुनिया के ग़म
कोई मासूम सी वो अदा चाहिए ।

और कुछ भी नहीं है ज़रूरत हमें 
ज़िंदगी के लिए हौसला चाहिए । 
 
हर किसी को न जाने ये क्या हो गया 
सब को ' तनहा ' यहां फ़ासला चाहिए ।  
 
 

 
 


 
 

1 टिप्पणी:

Sanjaytanha ने कहा…

बहुत खूब wahh