Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

जून 28, 2023

POST : 1686 ज़माने तुझे सच दिखाएं तो कैसे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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 ज़माने तुझे सच दिखाएं तो कैसे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  ' तनहा '   ज़माने तुझे सच दिखाएं तो कैसे  सियासत है कैसी बताएं तो कैसे ।    हुए ...
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जून 27, 2023

POST : 1685 ख़्वाब में कौन मुझको है देता सदा ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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 ख़्वाब में कौन मुझको है  देता सदा  ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा ' ख़्वाब में कौन मुझको है देता सदा  है वफ़ा कुछ नहीं है जफ़ा का मज़ा ।  ...
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जून 26, 2023

POST : 1684 सुनो गर दास्तां तुमको सुनाएं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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     सुनो गर दास्तां तुमको  सुनाएं  ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा ' सुनो गर दास्तां तुमको सुनाएं   तुम्हें हम मेहरबां अपना बनाएं । ...
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जून 22, 2023

POST : 1683 अंधेरों में शमां रौशन करेंगे हम ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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  अंधेरों में शमां रौशन करेंगे हम ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '  अंधेरों में शमां रौशन करेंगे हम  चढ़ा दो आप सूली पर चढ़ेंगे हम ।    ...
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जून 18, 2023

POST : 1682 कला के सौदागर ( बहती गंगा में नहाना ) डॉ लोक सेतिया

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     कला के सौदागर ( बहती गंगा में नहाना ) डॉ लोक सेतिया  मैंने टीवी चैनेल पर खबरें देखना छोड़ दिया है , जब से उनका मकसद विज्ञापन और अनावश्यक...
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जून 11, 2023

POST : 1681 ये दिल हर किसी को दिखाएं तो कैसे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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 ये दिल हर किसी को दिखाएं तो कैसे ( ग़ज़ल )  डॉ  लोक सेतिया ' तनहा ' ये दिल हर किसी को दिखाएं तो कैसे है वीरान कितना , बताएं तो कै...
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जून 10, 2023

POST : 1680 ज़हर खुद ही आकर पिला दे कोई ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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   ज़हर खुद ही आकर पिला दे कोई   ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  ज़हर खुद ही आकर पिला दे कोई मुहब्बत करने की सज़ा दे कोई ।   नहीं कोई शिकवा ग़मों का फिर ...
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जून 08, 2023

POST : 1679 कौन किस तरह जीता , सोचता कोई नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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   कौन किस तरह जीता , सोचता कोई नहीं ( ग़ज़ल )                          डॉ लोक सेतिया ' तनहा '   कौन किस तरह जीता , सोचता कोई नहीं  बद...
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POST : 1678 ख़ुश्क आंखें हैं जुबां ख़ामोश है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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ख़ुश्क आंखें हैं जुबां ख़ामोश है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा ' ख़ुश्क आंखें हैं जुबां ख़ामोश है  हो गई हर दास्तां ख़ामोश है ।    रात जैस...
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जून 07, 2023

POST : 1677 हुनर है अपना सभी नाज़ उठा लेते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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 हुनर है अपना सभी नाज़ उठा लेते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  हुनर है अपना सभी नाज़ उठा लेते हैं  कहीं भी कोई मिले दोस्त बना लेते हैं ।    हसीन व...
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जून 06, 2023

POST : 1676 दिल धड़कने को मुहब्बत नहीं कहते ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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  दिल धड़कने को मुहब्बत नहीं कहते   ( ग़ज़ल  ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '  दिल धड़कने को मुहब्बत नहीं कहते  सर झुकाने को इबादत नहीं  कहते । ...
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जून 05, 2023

POST : 1675 एक दिन ज़िंदगी मुझे दे दे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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        एक दिन ज़िंदगी मुझे दे दे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  एक दिन ज़िंदगी मुझे दे दे  पल दो पल की ख़ुशी मुझे दे दे ।    क्यों है रूठी नहीं पता मु...
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जून 03, 2023

POST : 1674 बेख़बर हैं कुछ ख़बर ही नहीं ( ख़ामोश दास्तां ) डॉ लोक सेतिया

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  बेख़बर हैं कुछ ख़बर ही नहीं ( ख़ामोश दास्तां ) डॉ लोक सेतिया  आज सुबह की ही बात है पार्क में सैर करते करते किसी को कहते सुना देश अमुक अमुक के...
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जून 01, 2023

POST : 1673 फ़क़ीर से अमीर होने तक ( बेढंगी चाल ) डॉ लोक सेतिया

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   फ़क़ीर से अमीर होने तक ( बेढंगी  चाल )  डॉ लोक सेतिया  आपने हम सभी ने सोशल मीडिया पर अनगिनत वीडियो या अन्य संदेश देखे सुने पढ़े शायद समझे भी...
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POST : 1672 पास रह के वो कितनी दूर रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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  पास रह के वो कितनी दूर रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '                ( पुरानी डायरी से 2009 वर्ष की लिखी रचना ) दिल की धड़कन नज़...
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मई 31, 2023

POST : 1671 मर के भी किसी के काम आएंगे ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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     मर के भी किसी के काम आएंगे ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया   किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार किसी का दर्द ले सके तो ले उधार , किसी के वास्ते...
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मई 29, 2023

POST : 1670 भूखे पेट सब भजन करेंगे ( कुंवे में भांग ) डॉ लोक सेतिया

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    भूखे पेट सब भजन करेंगे   ( कुंवे में भांग ) डॉ लोक सेतिया  आपको शायद भरोसा नहीं होगा मगर ये सच है और मैं शपथ लेकर कहता हूं कि बड़ी उदासी ...
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मई 28, 2023

POST : 1669 रौशनी छीन के घर घर से चिरागों की ( अजब मंज़र ) डॉ लोक सेतिया

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रौशनी छीन के घर घर से चिरागों की ( अजब मंज़र ) डॉ लोक सेतिया  कुलदील सलिल जी की बात से शुरुआत करते हैं और आखिर में उनकी लाजवाब ग़ज़ल भी पढ़ते है...
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मई 25, 2023

POST : 1668 बुद्धूराजा की समझदारी ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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     बुद्धूराजा की समझदारी ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया    पहले ठीक से पहचान को जान लेते हैं सभी बंदे एक समान होते हैं कुछ अनजान कुछ नादान ह...
मई 24, 2023

POST : 1667 बातें हैं बातों का क्या ( चिंतन मनन ) डॉ लोक सेतिया

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     बातें हैं बातों का क्या ( चिंतन मनन )  डॉ लोक सेतिया    सिर्फ़ आप ही नहीं अन्य कितने ही लोग दोस्त संबंधी हैं जिनको मैं इसलिए नापसंद हूं ...
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मई 23, 2023

POST : 1666 तिजोरी के सिक्के की खनक ( तीर निशाने पर ) डॉ लोक सेतिया

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    तिजोरी के सिक्के की खनक ( तीर निशाने पर ) डॉ लोक सेतिया     ये इक पहेली है कौन किसी का यार दिलदार कौन अपना बेली है किसकी पड़ोसन किस की सह...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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