Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

जुलाई 29, 2026

POST : 2094 यही सबसे बड़ी उनकी तो टेंशन है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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   यही सबसे बड़ी उनकी तो टेंशन है  ( ग़ज़ल  ) डॉ लोक सेतिया यही सबसे बड़ी उनकी तो टेंशन है   हमेशा जीतना हर इक इलेक्शन है ।      नहीं सरकार को इ...
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जुलाई 26, 2026

POST : 2093 आज़ाद भारत की तस्वीर ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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आज़ाद भारत की तस्वीर ( कविता ) डॉ लोक सेतिया    इंसां सभी  होंगे इक बराबर अब यहां  हम सब बनाएंगे इक ऐसा अपना जहां     फूल प्यार के खिले होंगे...
जुलाई 25, 2026

POST : 2092 हुक्मरान डर गया ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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           हुक्मरान डर गया ( कविता ) डॉ लोक सेतिया  आवाज़ आत्मा की शख़्स जो दफन कर गया   आता तो नज़र ज़िंदा दरअसल है वो मर गया ।    झूठी थी उसकी...

POST : 2091 काश मिलता एक अपना ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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         काश मिलता एक अपना ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   काश मिलता एक अपना  इक यही बाक़ी है सपना ।    फूल - कांटे एक दोनों  क्यों किसी में फ़र्क रख...
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जुलाई 24, 2026

POST : 2090 शिक्षा- नीति का सुधार जारी है ( व्यंग्य - कथा ) डॉ लोक सेतिया

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 शिक्षा- नीति का सुधार जारी है ( व्यंग्य - कथा ) डॉ लोक सेतिया  ये सारा हंगामा व्यर्थ है शिक्षा मंत्रालय की आवश्यकता नहीं रही है जो पढ़ाई संव...
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जुलाई 23, 2026

POST : 2089 हमें जो ज़िंदगी ने ना सताया होता ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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    हमें जो ज़िंदगी ने ना सताया होता ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  हमें जो ज़िंदगी ने ना सताया होता  उसे हमने भी दुल्हन सा सजाया होता ।    मुस्कराना ...
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जुलाई 22, 2026

POST : 2088 सीजीआई का कॉपीराइट ( हास्य व्यंग्य कविता ) डॉ लोक सेतिया

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 सीजीआई  का कॉपीराइट  ( हास्य व्यंग्य कविता ) डॉ लोक सेतिया  हमारे सैंयां क्यों रूठे नाता अपना अटूट कभी न टूटे  शिक्षित परिश्रमी काबिल सभी ग...
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POST : 2087 लोकनायक जयप्रकाश को गलत आपात्काल को उचित साबित कर दिया { ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया }

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लोकनायक जयप्रकाश को गलत आपात्काल को उचित साबित कर दिया                             ( आलेख )  डॉ लोक सेतिया  चलिए आपको 51 साल 24 दिन पीछे लिए...
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जुलाई 19, 2026

POST : 2086 संविधान की खोज ( व्यंग्य - कथा ) डॉ लोक सेतिया

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       संविधान की खोज ( व्यंग्य - कथा ) डॉ लोक सेतिया   कुछ दिनों से लोग उसकी चर्चा करने लगे हैं , कोई कुछ कहता है कोई कुछ और कहता है , ऐसे ...
जुलाई 16, 2026

POST : 2085 ख़ुद हमीं मझधार जाते रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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     ख़ुद हमीं मझधार जाते रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया   ख़ुद हमीं मझधार जाते रहे  जब किनारे पास आते रहे ।    अजनबी सब लोग भाये हमें जो थे अपने व...
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जुलाई 15, 2026

POST : 2084 आईना झूठ बोलने लगा है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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       आईना झूठ बोलने लगा है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया   आईना झूठ बोलने लगा है  वो तराज़ू भी डोलने लगा है ।    अपनी कीमत बड़ा-चढ़ा रहे सब  अपने को ...
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जुलाई 14, 2026

POST : 2083 हर किसी के अहसान बहुत ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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       हर किसी के अहसान बहुत ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया    हर किसी के अहसान बहुत दिल के बाक़ी अरमान बहुत ।    सीखना क्या है , सीख लिया  झूठ - सच क...
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जुलाई 06, 2026

POST : 2082 लब हैं ख़ामोश अश्क़ पीते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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    लब हैं ख़ामोश अश्क़ पीते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया   लब हैं ख़ामोश अश्क़ पीते हैं   लोग कुछ इस तरह भी जीते हैं ।    चारागर ढूंढते नहीं हम तो...
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जुलाई 05, 2026

POST : 2081 मैं कौन हूं मुझे पता ही नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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 मैं कौन हूं मुझे पता ही नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया     मैं कौन हूं मुझे पता ही नहीं  ख़ुद को कभी भी देखता ही नहीं ।     हर रोज़ झूठ बोलते लोग...
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POST : 2080 दुनिया की पहचान ख़ुद से अनजान ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया

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    दुनिया की पहचान ख़ुद से अनजान ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया  सभी की उलझन यही है अपनी पहचान बनाना ज़माने भर से परिचित रहना , कभी भी कहीं भी कुछ ल...
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जून 27, 2026

POST : 2079 देते हैं भगवान को धोखा ( विमर्श ) डॉ लोक सेतिया

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      देते हैं भगवान को धोखा ( विमर्श ) डॉ लोक सेतिया   कब तक धर्म और ईश्वर के नाम पर ठगों चोरों लुटेरों की तिजोरियां भरते रहोगे , सब कुछ सा...
जून 21, 2026

POST : 2078 वे कर रहे हैं गुफ़्तगू ( योग रोग बन गया है ) डॉ लोक सेतिया

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   वे कर रहे हैं गुफ़्तगू (  योग रोग बन गया है  ) डॉ लोक सेतिया   शायर दुष्यंत कुमार की याद आई है , कहते हैं '  वे  कर रहे हैं इश्क़ पर सं...
जून 20, 2026

POST : 2077 बिकते जहां पे नेता बाज़ार मिल गया है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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 बिकते जहां पे नेता बाज़ार मिल गया है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  बिकते जहां पे नेता , बाज़ार मिल गया है भटके हुओं को आखिर घर- बार मिल गया है ।    ...
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जून 18, 2026

POST : 2076 मंदिर में चोरी , भगवान की मर्ज़ी ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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   मंदिर में चोरी , भगवान की मर्ज़ी ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  नारायण-नारायण , नारद जी अपने ही अंदाज़ में बोले , भगवन ये खबर सुनी है मंदिर से ...
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जून 13, 2026

POST : 2075 झूठ सच से बड़ा हो गया ( हास्य - व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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 झूठ सच से बड़ा हो गया ( हास्य - व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया   खोटा सिक्का बाज़ार में चल गया है , चमक दमक कर साबित खरा हो गया है , कैसा ग़ज़ब इधर हो...
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अप्रैल 01, 2026

POST : 2074 मूर्ख बनाने का विश्व कीर्तिमान ( हास- परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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  मूर्ख बनाने का विश्व कीर्तिमान ( हास- परिहास ) डॉ लोक सेतिया  कोई बाहरी व्यक्ति नहीं है हमारे अपने देश का ही शख़्स है जिसने कभी मांगा नहीं...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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