Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

मार्च 06, 2023

POST : 1621 भांग पड़ी कुंएं में आग लगी धुंएं में ( होली कथा ) डॉ लोक सेतिया

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 भांग पड़ी कुंएं में आग लगी धुंएं में ( होली कथा ) डॉ लोक सेतिया      अच्छा हुआ कि खराब हुआ अब इस पर सोचना बेकार है बस जो होना था हुआ हो गया...
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मार्च 03, 2023

POST : 1620 मुन्नाभाई को आदर्श बना लिया है ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया

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    मुन्नाभाई को आदर्श बना लिया है ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया  दिल को  बहलाने को वक़्त बिताने को ग़म को छुपा कर मुस्कराने को खेल तमाशा देखना दिख...
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फ़रवरी 21, 2023

POST : 1619 भगवान का व्हाट्सएप्प नंबर ( अद्भुत-अविश्वसनीय ) डॉ लोक सेतिया

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  भगवान का व्हाट्सएप्प नंबर ( अद्भुत-अविश्वसनीय ) डॉ लोक सेतिया       आखिर ऊपरवाले को सोशल मीडिया अकॉउंट बनवाना ही पड़ा , दुनिया बदल चुकी है ...
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फ़रवरी 18, 2023

POST : 1618 राजनीति की लघुकथा ( हक़ीक़त भी अफ़साना भी ) डॉ लोक सेतिया

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   राजनीति की लघुकथा ( हक़ीक़त भी अफ़साना भी ) डॉ लोक सेतिया     सरकार का संदेशा मिला है कितने साल हुए क्या किया पर जनता को संबोधित किया जाएगा ...
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जनवरी 29, 2023

POST : 1617 दर्द भरी दास्तां ( अफ़साना ग़ज़ल का ) डॉ लोक सेतिया

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       दर्द भरी दास्तां ( अफ़साना ग़ज़ल का ) डॉ लोक सेतिया   ग़ज़ल की हालत देख कर आंसू निकल आए , इतने शानदार सभागार में मुशायरा आयोजित किया गया थ...
जनवरी 23, 2023

POST : 1616 दुनिया बनाने वाला हैरान परेशान ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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     दुनिया बनाने वाला हैरान परेशान ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  कुछ बात ऐसी हुई कि ऊपरवाला खुद अपने निवास स्थान को छोड़ नीचे धरती पर चला आया ।...
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जनवरी 20, 2023

POST : 1615 पानी का सफ़र ज़िंदगी भर ( चलते-चलते ) डॉ लोक सेतिया 

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     पानी का सफ़र ज़िंदगी भर ( चलते-चलते ) डॉ लोक सेतिया      न जाने किसकी कही बात पढ़कर अपनी ज़िंदगी के सफर को बयां करने को शब्द मिले शीर्षक की...
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जनवरी 15, 2023

POST : 1614 नकली की कीमत असली की चाहत नहीं ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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  नकली की कीमत असली की चाहत नहीं ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया     ये युग ये आधुनिक काल सब इक धोखा है छल है कुछ भी सच में असली नहीं है हम खुद असली ...
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दिसंबर 29, 2022

POST : 1613 क़िताब की दर्दनाक दास्तां ( तिरछी नज़र ) डॉ लोक सेतिया 

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   क़िताब की दर्दनाक दास्तां ( तिरछी नज़र ) डॉ लोक सेतिया  ये लिखने वाला भी नहीं जानता था छापने वाले को भी शायद इसकी उम्मीद नहीं थी किताब की ब...
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दिसंबर 16, 2022

POST : 1612 किताबें मेरी ख़त हैं दोस्ती वाले ( अंदाज़ अलग है ) डॉ लोक सेतिया 

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 किताबें मेरी ख़त हैं दोस्ती वाले ( अंदाज़ अलग है )  डॉ लोक सेतिया                          जनाब साक़िब लखनवी अज़ीम शायर हैं कहते हैं           ...
दिसंबर 12, 2022

POST : 1611 भूल गए कलम की बात लिखना ( जुर्म-बेलज़्ज़त ) डॉ लोक सेतिया 

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 भूल गए कलम की बात लिखना  ( जुर्म-बेलज़्ज़त ) डॉ लोक सेतिया     ये कैसे हुआ कलम उदास है किसी लिखने वाले को लेखनी की याद तक नहीं आई । मुझे उसकी...
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दिसंबर 11, 2022

POST : 1610 बनाकर खुद इस को परेशान ( इंसान भगवान ) डॉ लोक सेतिया 

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   बनाकर खुद इस को परेशान ( इंसान भगवान ) डॉ लोक सेतिया       आदमी को भी चैन नहीं आया भगवान की दुनिया से अलग अपनी इक अजीब करिश्माई जहां की त...
दिसंबर 03, 2022

POST : 1609 लेखक-पुस्तक संवाद ( किताब की आत्मकथा ) डॉ लोक सेतिया

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  लेखक-पुस्तक संवाद ( किताब की आत्मकथा ) डॉ लोक सेतिया लेखक बहुत दिन से चिंतित था कुछ भी नया विषय लिखने को ध्यान में नहीं आ रहा था । बिस्तर ...
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नवंबर 28, 2022

POST : 1608 बेजान बेज़ुबान की बेबसी ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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     बेजान बेज़ुबान की बेबसी ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया  कितने दिनों से तैयारी चल रही थी जिस खूबसूरत महबूबा की मिलन की अपने चाहने वालों से ...
नवंबर 17, 2022

POST : 1607 भारत सरकार को ज़रूरत है ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया

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     भारत सरकार को ज़रूरत है ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया  कितने साल हो गए हैं  देखते सुनते , सोचा ही नहीं समझा ही नहीं भारत देश को आर्थिक दशा भू...
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नवंबर 08, 2022

POST : 1606 काले धन की आत्मकथा ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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       काले धन की आत्मकथा ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  मेरा नाम काला है जबकि वास्तव में मैं सबसे खूबसूरत और रंगीन हूं । मैं अजर अमर और हर युग ...
नवंबर 07, 2022

POST : 1605 सोच विचार कर , भीड़ बनकर नहीं ( सही-गलत निर्णय ) डॉ लोक सेतिया

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सोच विचार  कर , भीड़ बनकर नहीं  ( सही-गलत निर्णय ) डॉ लोक सेतिया   इधर तमाम लोग समझते हैं कि मौजूदा शासक पुराने सत्ता के उच्च पदों  पर रहे रा...
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नवंबर 01, 2022

POST : 1604 बिना शर्त कुछ नहीं कुछ भी ( ज़िंदगी ) डॉ लोक सेतिया

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      बिना शर्त कुछ नहीं कुछ भी ( ज़िंदगी ) डॉ लोक सेतिया  खुदा ईश्वर या विधाता जो भी है इंसान को जन्म देता है मगर बतलाता नहीं उसकी भी शर्त ह...
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अक्टूबर 28, 2022

POST : 1603 खैरात ने रुसवा किया ( जज़्बात ) डॉ लोक सेतिया

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       खैरात ने रुसवा किया ( जज़्बात ) डॉ लोक सेतिया  किसी और जहां की तलाश है हमको , इस जहान की चाहत नहीं रखते । गांव की गलियां बड़ी भाती हैं ...
अक्टूबर 24, 2022

POST : 1602 ओ रौशनी वालो ( अंधकार की आवाज़ ) डॉ लोक सेतिया

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    ओ रौशनी वालो ( अंधकार की आवाज़ )                                   डॉ लोक सेतिया  उजाला उस जगह करना चाहिए जिस जगह अंधेरा हो , रौशन सड़कों ...
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अक्टूबर 11, 2022

POST : 1601 इक ख़्वाब जो हक़ीक़त नहीं बन सका ( ज़िंदगी की मज़बूरी ) डॉ लोक सेतिया

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    इक ख़्वाब जो हक़ीक़त नहीं बन सका ( ज़िंदगी की मज़बूरी )                                    डॉ लोक सेतिया  कितनी बार यही सपना दिखाई देता है सु...
सितंबर 27, 2022

POST : 1600 अंधकार की निशानियां हैं , ये चकाचौंध रौशनियां ( इंसानियत के खण्डर ) डॉ लोक सेतिया

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अंधकार की निशानियां हैं , ये चकाचौंध रौशनियां  ( इंसानियत के खण्डर )                                    डॉ लोक सेतिया  किसी की भावनाओं को आह...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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