Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

अक्टूबर 31, 2023

POST : 1734 रुसवाई ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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                रुसवाई ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   न बार बार आज़माया करो  यूं ही न दिल को जलाया करो ।    वो न बदलेंगे कभी  न ये उम्मीद लगाया करो...

POST : 1733 सदाएं ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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                    सदाएं ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   ग़ैरों को हम अपना कहते हैं  हमसे अपने ही खफ़ा रहते हैं ।    यहां कोई किसी का नहीं  तेरे शहर...
अक्टूबर 30, 2023

POST : 1732 फिर से कोई मुलाक़ात तो हो ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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          फिर से कोई मुलाक़ात तो हो  ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   फिर से कोई मुलाक़ात तो हो  ख़ामोशी में भी कुछ बात तो हो ।    बिजलियां हैं , घटाएं...

POST : 1731 खुदाओं की खुदाई का राज़ ( व्यंग्य - विनोद ) डॉ लोक सेतिया

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     खुदाओं की खुदाई का राज़ ( व्यंग्य - विनोद ) डॉ लोक सेतिया  विधाता ईश्वर अल्लाह भगवान समझ सका नहीं कोई इंसान , हम सभी हैं बड़े नादान , क्य...
अक्टूबर 29, 2023

POST : 1730 फिर नहीं लौटते हैं जाने वाले ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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      फिर नहीं लौटते हैं जाने वाले ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  फिर नहीं लौटते हैं जाने वाले  याद आते बहुत भुलाने वाले ।    दोस्त कोई कभी कहीं पर ...
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अक्टूबर 28, 2023

POST : 1729 आप की खातिर ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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           आप की खातिर ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   सहे ग़म उसकी ख़ुशी की खातिर  तो मुस्कराए उसी की खातिर ।    हमारा मरना जो चाहता था  जिये हम उस ...
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POST : 1728 दफ़्न आवाज़ रूह की कर गया ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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    दफ़्न आवाज़ रूह की कर गया ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  दफ़्न आवाज़ रूह की कर गया  रह के ज़िंदा भी शख़्स इक मर गया ।    उस के वादे नहीं कभी सच हुए  ड...
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अक्टूबर 27, 2023

POST : 1727 ये दुनिया दोस्ती का बाज़ार नहीं है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया

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        ये दुनिया दोस्ती का बाज़ार नहीं है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया  ये दुनिया दोस्ती का बाज़ार नहीं है  यहां कोई किसी का दिलदार नहीं है ।    हुई...
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अक्टूबर 26, 2023

POST : 1726 किया है ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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              किया है ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया   उसने कहा तुमने भी कभी प्यार किया है  कहा मैंने इक बार नहीं हर बार किया है ।     पूछा उसने क्य...
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अक्टूबर 20, 2023

POST : 1725 अपनी बात पर रहो कायम ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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      अपनी बात पर रहो कायम ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया   आज शुरुआत इक पुरानी ग़ज़ल से करते हैं :-    ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा" हम ...
अक्टूबर 17, 2023

POST : 1724 बंद हैं रास्ते लौटना मुश्किल ( सड़क से घर तलक ) डॉ लोक सेतिया

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 बंद हैं रास्ते लौटना मुश्किल ( सड़क से घर तलक ) डॉ लोक सेतिया   ये हर जगह की बात है गांव से शहर नगर से महानगर अपनी बस्ती अपने घर से किसी सभा...
अक्टूबर 16, 2023

POST : 1723 वो अफ़साने कहां जाएं ( अनकही ) डॉ लोक सेतिया

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         वो अफ़साने कहां जाएं ( अनकही ) डॉ लोक सेतिया   पहले इक पुरानी कविता जो ' एहसासों के फूल ' कविता संग्रह में शामिल है ।    भाग...
अक्टूबर 13, 2023

POST : 1722 पुतले के प्रयोजक की तलाश ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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       पुतले के प्रयोजक की तलाश ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  सांध्य दैनिक समाचार पत्र के संपादक जी की चिंता मुझसे देखी नहीं जाती पुरानी दोस्ती...
अक्टूबर 12, 2023

POST : 1721 सच के सिवा कुछ नहीं लिखूंगा ( ख़ामोशी ) डॉ लोक सेतिया

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    सच के सिवा कुछ नहीं लिखूंगा ( ख़ामोशी ) डॉ लोक सेतिया  मैं जानता हूं ये सब भूलकर भी अपनी जुबां पर नहीं ला सकता किसी से मन की भावनाएं सांझ...
अक्टूबर 11, 2023

POST : 1720 आंखों पर पट्टी बंधी है ( ग़ज़ब लोग ) डॉ लोक सेतिया

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    आंखों पर पट्टी बंधी है ( ग़ज़ब लोग ) डॉ लोक सेतिया  क्या बताएं कैसे कैसे लोग हैं कुछ लोग हैं जो रोज़ संदेश भेजते हैं इन से सुनिए क्या कहते ...
अक्टूबर 08, 2023

POST : 1719 आधुनिक का पुरातन से साक्षात्कार ( विवेचना ) डॉ लोक सेतिया

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  आधुनिक का पुरातन से साक्षात्कार  ( विवेचना  ) डॉ लोक सेतिया   बीता हुआ कल वर्तमान के आज से आमने सामने मिले ऐसा वास्तव में संभव नहीं है सभी...
अक्टूबर 06, 2023

POST : 1718 हुआ फ़ैसला थम गया शोर ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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    हुआ फ़ैसला थम गया शोर  ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया  सरपंच जी दोनों मौसेरे भाईयों को देख कर हैरान परेशान थे , उनकी दोस्ती के कायल थे किस ...
अक्टूबर 05, 2023

POST : 1717 अंधेरा है जिनके ज़हनों में ( विचार-विमर्श ) डॉ लोक सेतिया

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    अंधेरा है जिनके ज़हनों में ( विचार-विमर्श ) डॉ लोक सेतिया  लकीर के फ़क़ीर लोग मिलते हैं तमाम जिधर जाएं जहां भी जाएं , उनको जो करना सीख लिया...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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