Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

अप्रैल 23, 2017

POST : 641 झूठ सब का दीन-धर्म है ( आज का समाज ) डॉ लोक सेतिया

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  झूठ सब का दीन-धर्म है ( आज का समाज  ) डॉ लोक सेतिया         अख़बार में इश्तिहार मिला जिस में दावा किया गया है श्री श्री आयुर्वेदा द्वारा ना...
अप्रैल 21, 2017

POST : 640 अहंकार की लाल बत्ती ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया

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     अहंकार की लाल बत्ती ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया    मुझे माता पिता ने दिया क्या था , ये तो मेरी समझदारी और मेहनत है जो आज मेरे पास सब कुछ ह...
अप्रैल 20, 2017

POST : 639 की उसने मेरे कत्ल के बाद कत्ल से तौबा ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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 की उसने मेरे कत्ल के बाद कत्ल से तौबा (  व्यंग्य )  डॉ लोक सेतिया   पच्चीस साल बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने माना उन्होंने आपराधिक षड्यंत्र ...
अप्रैल 19, 2017

POST : 638 हम होंगे कामयाब एक दिन ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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     हम होंगे कामयाब एक दिन ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया हम होंगे कामयाब , हम होंगे कामयाब , हम होंगे कामयाब , एक दिन। कितना अच्छा लगता है , एक द...
अप्रैल 18, 2017

POST : 637 लोक सेतिया केवल लोक सेतिया ही काफी है ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया

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       लोक सेतिया केवल लोक सेतिया ही काफी है ( कटाक्ष )                                           डॉ लोक सेतिया आपका नाम छापना है निमंत्रण प...
अप्रैल 17, 2017

POST : 636 उनकी संवेदना उनका प्यार ( हास्य-कविता ) डॉ लोक सेतिया

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उनकी संवेदना उनका प्यार ( हास्य-कविता ) डॉ लोक सेतिया जनता बेचारी अबला नारी नहीं समझी कभी क्यों हुई बलिहारी जब जब जिस ने दिखलाई  झू...
अप्रैल 16, 2017

POST : 635 लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम ( आज के वक़्त की सरकार के नाम आखिरी खत ) डॉ लोक सेतिया

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         लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम          ( आज के वक़्त की सरकार के नाम आखिरी खत ) डॉ लोक सेतिया  चालीस साल से अधिक समय हो गया है ...

POST : 634 कौन कौन है सच का कातिल ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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  कौन कौन है सच का कातिल ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया आज इक फिल्म देखी जिस ने मुझे भीतर तक झकझोर कर रख दिया। नायक नायिका दोनों की आंखें नहीं हैं ,...
अप्रैल 11, 2017

POST : 633 स्वच्छ भारत , स्वच्छ हरियाणा , स्वच्छ फतेहाबाद शहर ( डेढ साल बाद वही तस्वीर ) डॉ लोक सेतिया

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2 7 नवंबर 2 0 1 5 को आखिर मैंने भी मुख्यमंत्री को शिकायत का पत्र लिख दिया। और साल तक वो शिकायत भटकती रही दफ्तर दफ्तर। साल पहले की ली कुछ तस...
अप्रैल 10, 2017

POST : 632 हमारे घोटाले शाकाहारी हैं ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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    शाकाहारी घोटालों की सरकार ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया            देखो ये भाईचारा है इसको घूस लेना मत कहो। कोई आकर घर पर मिठाई की जगह ...
अप्रैल 08, 2017

POST : 631 शब्द वही हैं अर्थ बदल गये हैं ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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    शब्द वही हैं अर्थ बदल गये हैं ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया  बड़े बड़े पोस्टर सरकारी प्रचार के विज्ञापनों वाले दावा करते हैं आपका देश आपका शहर स्...
अप्रैल 04, 2017

POST : 630 दुनिया के यातायात के नियम ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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   दुनिया के यातायात के नियम ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया      आप पैदल चलते हैं या किसी वाहन की सवारी कर सफर करते हैं आपको कुछ कायदे कुछ नियम समझन...
मार्च 28, 2017

POST : 629 कबूलनामा ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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         कबूलनामा ( कविता ) डॉ लोक सेतिया तमाम उम्र जीने का इक गुनाह किया है , हर रोज़ खुद अपने हाथ से ज़हर पिया है , मैं दुनिया में हर...
मार्च 26, 2017

POST : 628 कोई मुझे उसका पता बता दे ( हास्य कविता ) डॉ लोक सेतिया

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कोई मुझे उसका पता बता दे ( हास्य कविता ) डॉ लोक सेतिया कोई मुझे उसका पता बता दे जिस गांव जिस शहर जिस राज्य में कोई अधिकारी खुद को र...

POST : 627 आम राय से फैसला ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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         आम राय से फैसला ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया                        दो पक्ष बन गये थे और तमाम प्रयास करने पर भी कोई निर्णय हो ...

POST : 625 परस्तिश की आदत हो गई ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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       परस्तिश की आदत हो गई ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया कल किसी ने प्रधानमंत्री मोदी जी की महिमा का बखान करते हुए उसको मसीहा तक घोषित कर दिया। इत...
मार्च 24, 2017

POST : 624 अकेले चलना है अपने सफर में ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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   अकेले चलना है अपने सफर में ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया मैं क्या करूं  , किधर जाऊं , सब खुदा बने हुए हैं , आदमी कोई है ही नहीं जिस से कोई बात क...
मार्च 23, 2017

POST : 624 अमर शहीदों की याद में ( श्रधासुमन ) डॉ लोक सेतिया

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    अमर शहीदों की याद में ( श्रधासुमन ) डॉ लोक सेतिया देश की आज़ादी का इतिहास बिना कुछ मुकदमों के नहीं लिखा जा सकता। ऐसे आज़ादी के मुकदमों पर ...
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मार्च 22, 2017

POST : 623 बात मतलब की , पते की बात नहीं ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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  बात मतलब की , पते की बात नहीं ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया  न्याय क्या है आजकल इसको नहीं देखना चाहते लोग। सच की डगर चलना आसान नें बहुत कठिन है। ...
मार्च 21, 2017

POST : 622 फिर एक और सर्वदलीय बैठक ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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   फिर एक और सर्वदलीय बैठक ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया   सुप्रीम कोर्ट में इक सरफिरे की याचिका पर चुनाव आयोग ने हलफनामा दायर कर कहा है कि वो ...
मार्च 20, 2017

POST : 621 खामोश रहना जब हमारी एक आदत बन गई ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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     खामोश रहना जब हमारी एक आदत बन गई ( ग़ज़ल )                          डॉ लोक सेतिया "तनहा" खामोश रहना जब हमारी एक आदत बन गई ...
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मार्च 19, 2017

POST : 620 सर्वेक्षण सेल्फी और पति की कीमत ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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 सर्वेक्षण सेल्फी और पति की कीमत ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया                   सर्वेक्षण इक कारोबार है , सर्वेक्षण केवल चुनावों के ही नह...
मार्च 18, 2017

POST : 619 मीठा ज़हर , शब्दों का उलटफेर ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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 मीठा ज़हर , शब्दों का उलटफेर ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया                    आप कितना कमीशन लोगे  , आपको इतनी छूट देंगे , साथ में अमुक उपहार म...
मार्च 15, 2017

POST : 618 लाठी भैंस को ले गई ( हास्य कविता ) डॉ लोक सेतिया

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 लाठी भैंस को ले गई (  हास्य कविता )  डॉ लोक सेतिया भैंस मेरी भी उसी दिन खेत चरने को गई साथ थी सारी बिरादरी संग संग वो गई । बंसी बजाता...
1 टिप्पणी:
मार्च 13, 2017

POST : 617 बोलना भी है मना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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        बोलना भी है मना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया               बोलना मना नहीं है मगर आपको वही कहना होगा जो हम चाहते सुनना। किस्से अलग अलग हैं ...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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