Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

फ़रवरी 26, 2017

POST : 612 आधा सच है आधा झूठ ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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      आधा सच है आधा झूठ ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया                सदा सच बोलो । ये तीन शब्द बेहद खतरनाक हैं । जो इनको मान ले उसकी दशा खराब ह...
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POST : 611 इस दर्द की दवा क्या है ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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    इस दर्द की दवा क्या है ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया          सुना था जब दर्द हद से बढ़ जाता है तो खुद ही दवा बन जाता है। यही सोच हम दर...

POST : 610 अथ् श्वान कथा ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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         अथ् श्वान कथा ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया                हर शहर की हर इक गली में एक न एक कुत्ता रहता है। ये सारे कुत्ते खुद को गली...

POST : 609 कैसा महाभारत है ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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      कैसा महाभारत है ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया   ये वो कुरुक्षेत्र है जिस में कोई कृष्ण धर्म की खातिर धनुष उठाने का उपदेश नहीं दे रहा। जहां...
फ़रवरी 24, 2017

POST : 608 गधों का अखिल भारतीय सम्मेलन ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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    गधों का अखिल भारतीय सम्मेलन ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया          8 मई का दिन विशेष है , आज विश्व गधा दिवस मनाता है  , सभी गधे ख़ुशी से झ...
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फ़रवरी 22, 2017

POST : 607 तस्वीर भारत की सच इंडिया का ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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 तस्वीर भारत की सच इंडिया का ( आलेख )  डॉ लोक सेतिया                 हम बुद्ध को गांधी को मानते हैं , ऐसा कहते हैं। हम धार्मिक होने का भी...
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फ़रवरी 21, 2017

POST : 606 देश का स्वर्णिम इतिहास ( हास्य-कविता ) डॉ लोक सेतिया

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   देश का स्वर्णिम इतिहास ( हास्य-कविता ) डॉ लोक सेतिया लिखना है इतिहास देश का आज़ादी से लेकर अब तक क्या क्या शामिल करना होगा यही सोचते भ...
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फ़रवरी 16, 2017

POST : 605 इस तरह देशभक्त हो गया ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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  इस तरह देशभक्त हो गया ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया                     हम सभी खुद को कैसा समझते हैं , क्या अपने आप को कभी आईने में तोलते हैं। कल...
फ़रवरी 14, 2017

POST : 604 चलना तो है ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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चलना तो है ( कविता )   डॉ  लोक सेतिया अकेला हूं मैं नहीं साथ कोई राह कठिन है हमसफ़र कोई नहीं । तुम भी अगर मेरी तरह हो अकेले मुझे अप...
फ़रवरी 13, 2017

POST : 603 वास्तविकता ( कहानी ) डॉ लोक सेतिया

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           वास्तविकता ( कहानी ) डॉ लोक सेतिया                 रचना जब तक रोग-ग्रस्त रही , सुरेश रात-दिन उसके पास रहा देखभाल को , तभी इतनी...
फ़रवरी 12, 2017

POST : 602 इक ईमानदार की मौत ( आलेख-विडंबना ) डॉ लोक सेतिया

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    इक ईमानदार की मौत ( आलेख-विडंबना ) डॉ लोक सेतिया कुछ भी काल्पनिक नहीं , केवल सच। इक ईमानदार मर गया। बस इतनी सी बात है कोई खबर नहीं। प...
फ़रवरी 09, 2017

POST : 601 कलयुग का अच्छा नामकरण ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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    कलयुग का अच्छा नामकरण ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया    सरकार को कलयुग नाम काले धन की तरह लगता है इसलिये गुप्त ढंग से प्रभु से सीधी मन की ब...

POST : 600 अब अच्छे दिन आये हैं ( हास्य - व्यंग्य कविता ) डॉ लोक सेतिया

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अब अच्छे दिन आये हैं ( हास्य - व्यंग्य कविता )  डॉ लोक सेतिया सुन लो बहरो , देख लो अंधो ,  अच्छे दिन ले आये हैं तिगनी का नाच नचाने को , ...
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फ़रवरी 08, 2017

POST : 599 सत्ता के मद में हैं जनाब ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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     सत्ता के मद में हैं जनाब ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया शायद इसकी कल्पना किसी को नहीं थी जिस तरह से सत्ता अपने मद में चूर हर किसी को अपमानित...

POST : 598 सत्ताधारी और विपक्षी दोनों समधी - समधी ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया

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 सत्ताधारी और विपक्षी दोनों समधी - समधी ( कटाक्ष ) डॉ लोक सेतिया      रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था , ये पुरानी कहावत कितनी सच है ...
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फ़रवरी 06, 2017

POST : 597 आया नहीं दाग़ अब तक छुपाना ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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  आया नहीं दाग़ अब तक छुपाना ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा" आया नहीं दाग अब तक छुपाना मैली है चादर हमें घर भी जाना । हम ने किय...
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फ़रवरी 05, 2017

POST : 596 उनको था साथ लाना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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              उनको था साथ लाना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया        हर कारवां से कोई ये कह रहा है " तनहा " , पीछे जो रह गये हैं उन को ...
फ़रवरी 04, 2017

POST : 595 नये कीर्तिमान की योजना ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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        नये कीर्तिमान की योजना ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया                               सौ साल जीने का कीर्तिमान बनाना किसी काम का नहीं हो...
फ़रवरी 03, 2017

POST : 594 सब दुखों की एक दवा है ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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     सब दुखों की एक दवा है     ( व्यंग्य )   डॉ लोक सेतिया   बिजनेस मैनेजमेंट की क्लास में सभी विद्यार्थी अपना अपना शोध प्रस्तुत कर रहे ...
फ़रवरी 02, 2017

POST : 593 बजट के पिटारे में ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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         बजट के पिटारे में ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया इंतज़ार की घड़ियां लंबी बहुत थीं , पर जनता ने काट ही लीं । पिया ने वादा किया था इस बार...
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जनवरी 31, 2017

POST : 592 कलयुग के अवतारों की बात ( तीरे-नज़र ) डॉ लोक सेतिया

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           कलयुगी अवतारों की बात ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया                           आत्मा का मिलन प्रमात्मा से हुआ तो भगवन ने पूछा बताओ...
जनवरी 27, 2017

POST : 591 कोई नन्हा फ़रिश्ता आज भी आ जाता ( बात फिल्मों-संगीत-साहित्य-कविता-कहानियों की ) डॉ लोक सेतिया

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         मैं , मेरी फ़िल्में , मेरे गीत , मेरी शिक्षा ( लोक सेतिया )    मुझ में अगर थोड़ा सा कोई अच्छा इंसान है , इंसानियत की समझ है , दूसर...
जनवरी 25, 2017

POST : 590 इक गुनाह है गरीबों से मज़ाक है ( जश्न कैसा ) डॉ लोक सेतिया

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  इक गुनाह है गरीबों से मज़ाक है ( जश्न कैसा ) डॉ लोक सेतिया    मना लो जश्न कि वतन आज़ाद है , कौन करता गरीबों से मज़ाक है , झांकियां देखना ता...
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जनवरी 24, 2017

POST : 589 मोक्ष की चाह है सबको ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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      मोक्ष की चाह है सबको  ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया ख़ास सड़कें बंद हैं तब से मरम्मत के लिये , ये हमारे वक़्त की सब से बड़ी पहचान है । दुष्यंत...
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जनवरी 20, 2017

POST : 588 कहा विकास किया विनाश ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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       कहा विकास किया विनाश ( कविता ) डॉ लोक सेतिया धीरे धीरे चली जब हवा सत्ता को आया नहीं मज़ा और तेज़ करनी है रफ्तार कहती रही हर सरका...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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