Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

अक्टूबर 31, 2019

POST : 1217 मेरा लिखना क्या क्यों कैसा ( आलेख-अपनी बात ) डॉ लोक सेतिया

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 मेरा लिखना क्या क्यों कैसा ( आलेख-अपनी बात ) डॉ लोक सेतिया     कहानी हो ग़ज़ल हो बात रह जाती अधूरी है , करें क्या ज़िंदगी की बात करना भी ज़...
अक्टूबर 22, 2019

POST : 1216 शराफ़त की नकाब ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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       शराफ़त की नकाब ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया     कल चुनाव में चर्चा थी फलां व्यक्ति शरीफ है इसलिए लोग उसको वोट देंगे। मुझे ये वास्तविकता ...
अक्टूबर 18, 2019

POST : 1215 महत्वहीनता की बात ( चिंतन-मनन ) डॉ लोक सेतिया

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     महत्वहीनता की बात ( चिंतन-मनन ) डॉ लोक सेतिया    शुरुआत भले कहीं से करें अब मुझे महसूस होने लगा है तमाम चीज़ें अपनी उपयोगिकता खो चुक...
अक्टूबर 15, 2019

POST : 1214 दिल्ली का चोर बाज़ार ( आज की राजनीति ) कटाक्ष - डॉ लोक सेतिया

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        दिल्ली का चोर बाज़ार ( आज की राजनीति )                                   कटाक्ष - डॉ लोक सेतिया    अपने भी नाम तो सुन रखा होगा...
अक्टूबर 14, 2019

POST : 1213 झूठा है तेरा वादा ( नेताओं-आशिक़ों के वादे ) डॉ लोक सेतिया

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   झूठा है तेरा वादा ( नेताओं-आशिक़ों के वादे ) डॉ लोक सेतिया      जाने किस कवि शायर की रचना है जो पंजाबी में रचना है मैंने उसका वीडियो दे...
अक्टूबर 09, 2019

POST : 1212 घर की दास्तान ( हक़ीक़त ) डॉ लोक सेतिया

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          घर की दास्तान ( हक़ीक़त ) डॉ लोक सेतिया      हुआ करते थे घर गलियां चौबारे और लोग रहते ही नहीं थे जीते भी थे। अधिक पुरानी बात नही...

POST : 1211 लोकनायक जयप्रकाश नारायण ( वास्तविक नायक ) डॉ लोक सेतिया

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लोकनायक जयप्रकाश नारायण ( वास्तविक नायक ) डॉ लोक सेतिया        लेखक ललित गर्ग जी ने कल लिखा है। आजादी के आंदोलन से हमें ऐसे बहुत से नेत...
अक्टूबर 07, 2019

POST : 1210 दिल लगता नहीं नकली नज़ारों में ( हाल-ए-दिल ) डॉ लोक सेतिया

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 दिल लगता नहीं नकली नज़ारों में ( हाल-ए-दिल ) डॉ लोक सेतिया     आज लिखने से पहले जानता हूं किसी को फुर्सत ही नहीं इतनी जो किसी और की बात...
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अक्टूबर 04, 2019

POST : 1209 जम्हूरियत की हक़ीक़त ( चुनाव की बात ) डॉ लोक सेतिया

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   जम्हूरियत की हक़ीक़त ( चुनाव की बात ) डॉ लोक सेतिया        असली कहानी कुछ और ही है। आपको अपनी पसंद से कोई विधायक सांसद नहीं चुनना है। स...

POST : 1208 नेता की विशेषताएं ( अधर्म-कथाएं ) डॉ लोक सेतिया

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      नेता की विशेषताएं ( अधर्म-कथाएं ) डॉ लोक सेतिया     लिखने वाले को सच की कलम ईमान की स्याही को फेंक देना होता है। झूठ के देवता की ...

POST : 1207 ज़िंदगी न शिकवा न चाहत ही है ( खुद से बात ) डॉ लोक सेतिया

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 ज़िंदगी न शिकवा न चाहत ही है ( खुद से बात ) डॉ लोक सेतिया         चैन है सुकून है कोई आरज़ू नहीं फिर भी आज भी इक प्यास है अनबुझी सी काश ...
अक्टूबर 02, 2019

POST : 1206 विचार को बेजान पत्थर बना देना ( गांधी लाल बहादुर जेपी की बात ) डॉ लोक सेतिया

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विचार को बेजान पत्थर बना देना ( गांधी लाल बहादुर जेपी की बात )                                              डॉ लोक सेतिया   गांधी कोई ...
सितंबर 26, 2019

POST : 1205 खड़े हुए हैं गुनहगार की तरह ( अपनी कहानी ) डॉ लोक सेतिया

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  खड़े हुए हैं गुनहगार की तरह ( अपनी कहानी ) डॉ लोक सेतिया       अब लिखनी चाहिए अपनी ज़िंदगी की कहानी मुझे । नहीं लिखी पहले ये सोच कर कही...
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सितंबर 25, 2019

POST : 1204 मन की उलझन सुलझती नहीं ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया

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    मन की उलझन सुलझती नहीं ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया      कोई उधर जाने कोई इधर जाने की बात करता है। जाता कोई कहीं नहीं है ठहरे हुए पानी क...
सितंबर 23, 2019

POST : 1203 खिलौना नहीं इंसान हूं ( दास्तान ए ज़िंदगी ) डॉ लोक सेतिया

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   खिलौना नहीं इंसान हूं ( दास्तान ए ज़िंदगी ) डॉ लोक सेतिया    हंसता रहा , मुस्कुराता रहा कभी आंसूं बहाता रहा ,  जैसे कोई बेजान सामान स...
सितंबर 21, 2019

POST : 1202 मॉडलिंग के दीवाने लोग ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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        मॉडलिंग के दीवाने लोग ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया    आज़ादी को सौ साल हो चुके हैं और शोधार्थी देश के पिछले इतिहास पर शोध कर रहे हैं...
सितंबर 20, 2019

POST : 1201 बदनाम हैं मगर नाम तो है ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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   बदनाम हैं मगर नाम तो है  ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया    हालत ऐसा है कोई कटाक्ष किसी और को लेकर करता है तब भी उनके चाहने वाले बवाल खड़...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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