Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

दिसंबर 30, 2019

POST : 1233 तुम नहीं मालिक मेरी है ये दुनिया ( अध्यात्म ) डॉ लोक सेतिया

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 तुम नहीं मालिक मेरी है ये दुनिया ( अध्यात्म ) डॉ लोक सेतिया          आपको समझना है धर्म क्या है और ईश्वर अल्लाह खुदा भगवान क्या है। च...
दिसंबर 29, 2019

POST : 1232 दान का चर्चा है कमाई पर पर्दा है ( कड़वी बात ) डॉ लोक सेतिया

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  दान का चर्चा है कमाई पर पर्दा है ( कड़वी बात ) डॉ लोक सेतिया     कल की बात कोई सुनी सुनाई नहीं सामने देखी और खुलकर समझी समझाई बात है। इक...
दिसंबर 28, 2019

POST : 1231 प्यास नहीं पीने को बहुत है ( आजकल का समाज ) डॉ लोक सेतिया

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 प्यास नहीं पीने को बहुत है ( आजकल का समाज ) डॉ लोक सेतिया      हर साल की तरह इस साल भी विचार करने लगा बीत रहे साल क्या पाया क्या खो दिया...
दिसंबर 26, 2019

POST : 1230 सोचिए क्या आप वापस जाना चाहते हैं ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया

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  सोचिए क्या आप वापस जाना चाहते हैं ( चिंतन ) डॉ लोक सेतिया    आजकल ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो धार्मिक कट्टरता के ख़िलाफ़ मानवीय  पक्ष की...
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दिसंबर 22, 2019

POST : 1229 सोने की चिड़िया की कहानी ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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     सोने की चिड़िया की कहानी ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया   पता नहीं कैसे पचास साल पुरानी सुनी कहानी याद आई है । अनपढ़ थे मेरे दादाजी मगर सब उन...
दिसंबर 14, 2019

POST : 1228 शासकों की मनमानी आज़ादी नहीं ( सच और सच ) डॉ लोक सेतिया

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 शासकों की मनमानी आज़ादी नहीं  ( सच और सच ) डॉ लोक सेतिया    सरकार ऐलान जारी करती है देश की जनता को स्वीकार करना होता है ।  लोग परेशान हों...
दिसंबर 09, 2019

POST : 1227 नारद जी सुन रहे आधुनिक गीता ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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  नारद जी सुन रहे आधुनिक गीता ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया    अचानक आकाश मार्ग से विचरण करते हुए नारद मुनि जी को गीता गीता का शोर ऊंची ऊंच...
नवंबर 27, 2019

POST : 1226 कितने क़ातिल हैं सच के ( सत्येंद्र दुबे की बात ) डॉ लोक सेतिया

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  कितने क़ातिल हैं सच के (  सत्येंद्र दुबे की बात )   डॉ लोक सेतिया  जाँनिसार अख़्तर जी की ग़ज़ल से दो शेर उधार ले रहा हूं । आज 27 नवंबर सच क...
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नवंबर 25, 2019

POST : 1225 खज़ाना ले भागा खजांची बन ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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   खज़ाना ले भागा खजांची बन ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया     ये कहानी अलग है और बिल्कुल नई है इस का चौकीदार चोर है कथा से कोई संबंध नही...
नवंबर 21, 2019

POST : 1224 उड़ने की चाह में इरादे बदल जाते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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       उड़ने की चाह में इरादे बदल जाते हैं ( ग़ज़ल )                         डॉ  लोक सेतिया "तनहा" उड़ने की चाह में इरादे बदल जा...
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नवंबर 20, 2019

POST : 1223 शायरी हमने की , आशिक़ी हमने की ( ग़ज़ल ) लोक सेतिया "तनहा "

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शायरी हमने की , आशिक़ी हमने की ( ग़ज़ल ) लोक सेतिया "तनहा " शायरी हमने की , आशिक़ी हमने की  इस तरह उम्र भर , बंदगी हमने की ।  ...
नवंबर 18, 2019

POST : 1222 गर्दिश में सितारे ( लघु कथा ) डॉ लोक सेतिया

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     गर्दिश में सितारे ( लघु कथा ) डॉ लोक सेतिया   साहिल की ज़िंदगी में पांच लड़कियां आईं मगर जाने क्यों किसी से भी बात जीवन भर को साथ निभ...

POST : 1221 पुरानी मुहब्बत की तलाश में ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

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     पुरानी मुहब्बत की तलाश में ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया  तुम मेरी महबूबा हो , मुझे प्यार है तुमसे दिल्ली ।  कभी नहीं भूलती पहली मुह...
नवंबर 16, 2019

POST : 1220 सर्वोच्च न्यायालय के गांव की पंचायत की तरह का फैसला ( मत-अभिमत ) डॉ लोक सेतिया

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     सर्वोच्च न्यायालय के गांव की पंचायत की तरह का फैसला                  ( मत-अभिमत ) डॉ लोक सेतिया  खामोश रहना उचित नहीं होता है मगर...
नवंबर 09, 2019

POST : 1219 कौन हैं मेरे मम्मी-पापा ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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     कौन हैं मेरे मम्मी-पापा ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया    बड़ी प्यारी सी बच्ची है तुतली ज़ुबान में बोलती हुई सवाल पूछती है कोई मेरे मम...
नवंबर 02, 2019

POST : 1218 इक नज़र बीते ज़माने पर और इक नज़र कल के भविष्य पर ( बदलते हुए एहसास ) डॉ लोक सेतिया

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   इक नज़र बीते ज़माने पर और इक नज़र कल के भविष्य पर                           ( बदलते हुए एहसास ) डॉ लोक सेतिया  रिहाई की बात नहीं है रि...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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