Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

नवंबर 18, 2016

POST : 560 देश की राजनीति और हास्य रस ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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  देश की राजनीति और हास्य रस ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया    हंसना भी जीवन का एक अंग है , मगर हंसने हंसने में अंतर भी बहुत होता है। कभी अधि...
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नवंबर 17, 2016

POST : 559 लाख ब्लॉग व्यूवर्स का मतलब ( आज की बात ) डॉ लोक सेतिया

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  लाख ब्लॉग व्यूवर्स का मतलब (  आज की बात )  डॉ लोक सेतिया   कभी कभी लगता है किसी संख्या का विशेष महत्व है।  कुछ दिन से मैं जैसे इंतज़ार क...

POST : 558 जुर्म है आम जनता होना ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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      जुर्म है आम जनता होना ( तरकश )  डॉ लोक सेतिया         सत्ता का आदेश था , जनता को मानना लाज़मी था। कोई चारा नहीं होता आम आदमी के पास...
नवंबर 16, 2016

POST : 557 पागलपन अपना अपना ( बुरी लगे या लगे भली ) डॉ लोक सेतिया

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 पागलपन अपना अपना ( बुरी लगे या लगे भली ) डॉ लोक सेतिया      सब से पहले मैं मानता हूं कि मैं इक पागल हूं , उम्र भर मैंने पागलपन ही किया ...
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नवंबर 15, 2016

POST : 556 जनता बेचारी , लोकतंत्र की मारी ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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     जनता बेचारी , लोकतंत्र की मारी (  तरकश ) डॉ लोक सेतिया           जनता गरीब की बेटी की तरह है , जिसको ऐसे योग्य वर की चाहत है जो उसका...
नवंबर 14, 2016

POST : 555 आस्तिकता और नास्तिकता के भंवर में ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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आस्तिकता और नास्तिकता के भंवर में ( कविता )  डॉ लोक सेतिया ये मेरी कैसी दुविधा है बचपन से आज तक मानता रहा हूं कि वो है  हर दुख में ह...
नवंबर 13, 2016

POST : 554 सूरत बदलनी चाहिए - भाग दो ( हालात-ए-वतन ) डॉ लोक सेतिया

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 सूरत बदलनी चाहिए - भाग दो ( हालात-ए-वतन ) डॉ लोक सेतिया    काला धन केवल साहूकारों नेताओं अफसरों और अपराधियों के पास ही नहीं है। अधिकतर ...

POST : 553 जिन्हें अंधकार से प्यार हो गया है ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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      जिन्हें अंधकार से प्यार हो गया है ( व्यंग्य  ) डॉ लोक सेतिया   घटना पुरानी है दस साल पहले की , लोग भूल भी गये होंगे , मुझे बार बार...

POST : 552 सूरत बदलनी चाहिए ( हालत-ए-वतन ) डॉ लोक सेतिया

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      सूरत बदलनी चाहिए ( हालत-ए-वतन ) डॉ लोक सेतिया  बस यही अथवा इस से आगे भी , ये सवाल बेहद ज़रूरी है। चलो थोड़ा अलग ढंग से समस्या को समझत...
नवंबर 12, 2016

POST : 551 मेरा तेरा राज्य नहीं , सभी का देश ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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  मेरा तेरा राज्य नहीं , सभी का देश ( आलेख  ) डॉ लोक सेतिया             पानी की इक बूंद नहीं देंगे , ये ऐलान किया है बादलों ने , इक बड़ा ...
नवंबर 10, 2016

POST : 550 श्रद्धासुमन पांच सौ और हज़ार के नोटों को ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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श्रद्धासुमन पांच सौ और हज़ार के नोटों को ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया       आपने किसी को फांसी की सज़ा मिलते नहीं देखा होगा। फिल्मों में दिखाय...
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नवंबर 08, 2016

POST : 549 अमीर लोगों के बुरे दिन ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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    अमीर लोगों के बुरे दिन ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया             लाला जी के पास पांच सौ के और हज़ार रुपये के नोट हैं और रुलदू की जेब में स...
नवंबर 06, 2016

POST : 548 ज़मीर ज़िन्दा रखना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया

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        ज़मीर ज़िन्दा रखना ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया           मुझे प्रशासन को जनहित के पत्र लिखते चालीस साल बीत गये हैं। अनुभव अच्छे भी रहे औ...
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POST : 547 अपनी अपनी सुविधा के आंकड़े ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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    अपनी अपनी सुविधा के आंकड़े ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया                     9 5 प्रतिशत लोग खुश हैं , मंत्री जी का बयान है आज की खबरों में। ...
नवंबर 03, 2016

POST : 546 ख़ुदकुशी आज कर गया कोई ( कटु - सत्य ) आलेख - डॉ लोक सेतिया

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         ख़ुदकुशी आज कर गया कोई (  कटु - सत्य )                             आलेख - डॉ लोक सेतिया         शब्द नहीं हैं बयान करने को , इ...
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POST : 545 अंधे-बहरे लोग , जलसा करते हैं ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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  अंधे-बहरे लोग , जलसा करते हैं ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया                अंतर तो है , ख़ास लोग जश्न मनाते रहते हैं , स्वर्ण जयंती का कभी ग...
अक्टूबर 27, 2016

POST : 544 भगवान भी बदल गये हैं ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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    भगवान भी बदल गये हैं  (  व्यंग्य  )   डॉ  लोक  सेतिया             दादा जी कहते थे ढूंढने से भगवान भी मिल सकते हैं । तुम तलाश करते रहन...
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अक्टूबर 24, 2016

POST 543 क्या इसको मुहब्बत कहते हैं ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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 क्या इसको मुहब्बत कहते हैं  ( कविता ) डॉ  लोक सेतिया  क्या इसको मुहब्बत कहते हैं प्रेमिका हो चाहे हो पत्नी आपकी सोच आपकी समझ वही रहती...
अक्टूबर 18, 2016

POST : 542 तू कहीं मेरा ही कातिल तो नहीं ( सत्येन्द्र दुबे की आत्मा पूछती है ) आलेख डॉ लोक सेतिया

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तू कहीं मेरा ही कातिल तो नहीं (  सत्येन्द्र दुबे की आत्मा पूछती है )   आलेख -  डॉ लोक सेतिया          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...
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अक्टूबर 16, 2016

POST : 541 मधुर सुर न जाने कहां खो गया है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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       मधुर सुर न जाने कहां खो गया है ( ग़ज़ल )                         डॉ लोक सेतिया "तनहा" मधुर सुर न जाने कहां खो गया है यह...
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POST : 540 दर्द अपने हमें क्यों बताए नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया " तनहा "

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 दर्द अपने हमें क्यों बताए नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया " तनहा " दर्द अपने हमें क्यों बताए नहीं दर्द दे दो हमें हम पराए नहीं । ...
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POST : 539 ( Repeat : 261 ) उसको न करना परेशान ज़िंदगी ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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उसको न करना परेशान ज़िंदगी ( ग़ज़ल )  डॉ लोक सेतिया "तनहा" उसको न करना परेशान ज़िंदगी टूटे हुए जिसके अरमान ज़िंदगी । होने लगा प्य...

POST : 538 आज खारों की बात याद आई ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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  आज खारों की बात याद आई ( ग़ज़ल )  डॉ लोक सेतिया "तनहा" आज खारों की बात याद आई जब बहारों की बात याद आई । प्यास अपनी न बुझ सकी...

POST : 537 क्या हम झूठे लोग हैं ( दोगला समाज ) विचार - डॉ लोक सेतिया

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   क्या हम झूठे लोग हैं ( दोगला समाज ) विचार - डॉ लोक सेतिया   बार बार देखा है जहां भी कुछ गलत हो रहा हो , कोई देश-समाज के नियम क़ानून या ...
अक्टूबर 14, 2016

POST : 536 फेसबुक की महिमा अपार है ( बेसर-पैर की ) डॉ लोक सेतिया

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     फेसबुक की महिमा अपार है ( बेसर-पैर की ) डॉ लोक सेतिया               किसी शायर ने कहा है , क्यों डरें ज़िंदगी में क्या होगा , कुछ न ह...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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