Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

मार्च 31, 2014

POST : 428 अनुमति लेना ज़रूरी है ( ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने को )

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    अनुमति लेना ज़रूरी है ( ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने को ) अब किसी का नाम लेना सही नहीं है। और ऐसे लोग हैं भी बहुत कम , अधिकतर लोग जो साहित...
मार्च 30, 2014

POST : 427 इक पतित नारी की जीवन गाथा ( सत्य कहानी ) डा लोक सेतिया

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 इक पतित नारी की जीवन गाथा ( सत्य कहानी ) डा लोक सेतिया          बहुत साल पहले की घटना है , इक पत्रिका में किसी महिला की आपबीती प्रकाशित ...
मार्च 27, 2014

POST : 426 भगवान का पेटेंट ( हास-परिहास ) डा लोक सेतिया

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      भगवान का पेटेंट ( हास-परिहास ) डा लोक सेतिया       अभी पिछली पोस्ट पर मैंने भगवान नहीं आदमी को इंसान बनाने की बात कही थी । इक महिल...
2 टिप्‍पणियां:
मार्च 25, 2014

POST : 425 भगवान के लिए अब तो इंसान बनाएं ( आलेख ) डा लोक सेतिया

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 भगवान के लिए अब तो इंसान बनाएं ( आलेख ) डा लोक सेतिया सब से पहले सभी धर्मों के अनुयाईयों से निवेदन कि कृपया इसको सही परिपेक्ष्य में समझे...
मार्च 20, 2014

POST : 424 अपनी महबूबा पर कवि की कविता ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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अपनी महबूबा पर कवि की कविता ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया        कवि की महबूबा ने कवि से इक दिन कहा मनुहार से कोई कविता मुझ पर लिखो बोल...
2 टिप्‍पणियां:
मार्च 17, 2014

POST : 423 बेघर हैं इस घर के मालिक ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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      बेघर हैं इस घर के मालिक ( तरकश ) डा लोक सेतिया       बहुत बड़ा ही ये मकान , कहते हैं ये भारत देश है। माना जाता है देश की सवा सौ करो...
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मार्च 15, 2014

POST : 422 ज़िंदा मुर्दा ( हास-परिहास ) डा लोक सेतिया

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          ज़िंदा मुर्दा ( हास-परिहास ) डा लोक सेतिया एक सरकारी अस्प्ताल में एक डॉक्टर और एक नर्स को निलम्बित कर दिया गया । क्योंकि उन्होंन...
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मार्च 10, 2014

POST : 421 पणिहारी और मुसाफिर ( हरियाणवी कहानी ) लोक कथा के लेखक अनाम होते हैं

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        पणिहारी और मुसाफिर ( हरियाणवी कहानी )                             ( लोक कथा के लेखक अनाम होते हैं )          किसै गाम में एक बीर...
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मार्च 08, 2014

POST : 420 कहां से कहां आ गये हम लोग ( आईने के सामने ) डा लोक सेतिया

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 कहां से कहां आ गये हम लोग (आईने के सामने) डा लोक सेतिया सच कहूं तो अभी समझ नहीं आ रहा कि आज लिखना क्या है। बस यही चाहता हूं कि कुछ नया ल...
मार्च 02, 2014

POST : 419 ज़िंदगी के दो किनारे ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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      ज़िंदगी के दो किनारे ( तरकश ) डा लोक सेतिया         ज़िंदगी इक बहते हुए पानी की नदी है जिसके दो किनारे होते हैं। शादी इस तरफ का किना...

POST : 418 1 तू पी - तू पी ( लोक कथा ) 2 धरती का रस ( नीति कथा ) अनाम लेखक की रचनाएं होती हैं लोक कथाएं

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                तू पी -तू पी ( लोक कथा ) ये राजस्थानी लोक कथा है। बचपन की दो सखियां रेगिस्तान से गुज़र रही होती हैं। रास्ते में उनको एक वि...
फ़रवरी 17, 2014

POST : 417 नकाब देवताओं की , पहनी है दानवों ने ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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     नकाब  देवताओं की  पहनी है दानवों ने ( हास-परिहास )                                 डॉ लोक सेतिया कलयुग में होने लगी जब सत्य युग की...
फ़रवरी 16, 2014

POST : 416 खबर खबर वालों की ( मीडिया की बात ) डा लोक सेतिया

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    खबर खबर वालों की ( मीडिया की बात ) डा लोक सेतिया वो सच की बात कहने का दावा करते हैं। मगर सच क्या है ये वो भी जानते हैं। हर सच पूरा सच...
फ़रवरी 12, 2014

POST : 415 देवी देवताओं का बाज़ार ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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       देवी देवताओं का बाज़ार ( तरकश ) डा लोक सेतिया       बहुत ही विकट समस्या खड़ी हो गई है। चित्रगुप्त जी ने धर्मराज जी से साफ कह दिया ह...
फ़रवरी 11, 2014

POST : 414 नया मदारी , नया तमाशा ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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    नया  मदारी , नया तमाशा ( तरकश )  डा लोक सेतिया           राजनीती के खेल में इक नया मदारी आया है। उसने आकर बातों से सब को बहलाया है , ...
फ़रवरी 09, 2014

POST : 413 सपने देख कर खुश हो जाओ ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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    सपने देख कर खुश हो जाओ ( तरकश ) डा लोक सेतिया सर्वेक्षण करना कोई कठिन कार्य नहीं है। आप किसी भी विषय पर कर सकते हैं सर्वेक्षण। कोई बं...
फ़रवरी 05, 2014

POST : 412 खेलने में भी समझदारी ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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    खेलने में भी समझदारी ( तरकश ) डा लोक सेतिया कभी खेल खेल में बात बन जाती है और कभी बिना बात खेल बिगड़ भी जाता है। हुस्न वाले तो दिलों स...
फ़रवरी 04, 2014

POST : 411 गिरती हुई दीवार है , ठोकर मत लगाना ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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 गिरती हुई दीवार है , ठोकर मत लगाना ( तरकश ) डा लोक सेतिया         सुना था समझदार लोग बहुत ही खतरनाक होते हैं। अपनी साहूलियत के लिए सच को...
फ़रवरी 02, 2014

POST : 410 सबक ईमानदारी का ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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       सबक ईमानदारी का ( तरकश ) डा लोक सेतिया सबक पढ़ाने का अपना ही मज़ा है , पढ़ाने को खुद अमल करके नहीं दिखाना होता। स्कूलों में तो ऐसा भी...

POST : 409 नौ सौ चूहे खाकर बिळी हज को चली ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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  नौ सौ चूहे खाकर बिळी हज को चली ( तरकश ) डा लोक सेतिया        आज अपने प्रिय अख़बार में एक साक्षात्कार पढ़ा किसी दल के नेता का। सोचा इनकी बा...
जनवरी 31, 2014

POST : 408 नाखुदा खुद को बताने वाले ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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      नाखुदा खुद को बताने वाले  ( तरकश ) डा लोक सेतिया         एक जाने माने शायर का शेर याद आ रहा है। कौम के ग़म में डिनर खाते हैं हुक्काम ...
जनवरी 26, 2014

POST : 407 दर्शन दो लोकतंत्र ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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         दर्शन दो लोकतंत्र ( तरकश ) डा लोक सेतिया             यही मंत्र है जिसका जाप सभी करते हैं। कोंग्रेस भा ज पा वामपंथी समाजवादी जनता ...
जनवरी 20, 2014

POST : 406 अब तो सारा जहां हमारा है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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 अब तो सारा जहां हमारा है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"   अब तो सारा जहां हमारा है  आपने  हमसफ़र पुकारा है ।    तुम ही पतवार तुम ही ...
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जनवरी 16, 2014

POST : 405 सवाल विशेषाधिकार का ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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   सवाल विशेषाधिकार का ( तरकश ) डा लोक सेतिया       यमराज जब पत्रकार की आत्मा को ले जाने लगे तब पत्रकार की आत्मा ने यमराज से कहा कि मैं ब...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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