Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

सितंबर 26, 2014

POST : 454 एक नीति कथा ( न्याय ) डॉ लोक सेतिया

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          एक नीति कथा ( न्याय ) डॉ लोक सेतिया कोई राजा था जिसका न्याय बिलकुल सही माना जाता था। एक बार एक साथ तीन लोग एक ही अपराध करते...
सितंबर 21, 2014

POST : 453 रसीली ( कहानी इक वेश्या की ) डा लोक सेतिया ( भाग एक )

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   रसीली ( कहानी इक वेश्या की ) डा लोक सेतिया ( भाग एक )            रसीली मर गई भूख से , जाने कितने दिन से भूखी थी रसीली। कोई नहीं जान स...
सितंबर 12, 2014

POST : 452 जीवन की पहचान ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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         जीवन की पहचान ( कविता ) डॉ लोक सेतिया कभी सोचा है कभी जाना है खुद को कब पहचाना है । ये टेड़ी सीधी जीवन की राहें जाती हैं ...
1 टिप्पणी:
सितंबर 08, 2014

POST : 451 सखी ( कहानी ) डा लोक सेतिया

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                 सखी ( कहानी ) डॉ लोक सेतिया               सखी कहकर पुकारा था मैंने इक दिन किरन को। कुछ साल ही रहा हम दोनों का साथ। मगर...
अगस्त 31, 2014

POST : 450 बदलते समय की मुहब्बत ( कहानी ) डॉ लोक सेतिया

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      बदलते समय की मुहब्बत ( कहानी ) डॉ लोक सेतिया             कहानी सच्ची है केवल नाम बदले हुए हैं। शायद अभी अधूरी है कहानी। लगता है नई ...
अगस्त 20, 2014

POST : 449 कौन बनेगा करोड़पति में पूछे जाने चाहिएं ये सवाल ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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    कौन बनेगा करोड़पति में पूछे जाने चाहिएं ये सवाल ( तरकश )                                डा लोक सेतिया                              ...
अगस्त 08, 2014

POST : 448 काठ की हंडिया कब तक चढ़ती रहेगी ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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 काठ की हंडिया कब तक चढ़ती रहेगी ( तरकश ) डा लोक सेतिया            इक नायक है देश का दूसरा सदी का महानायक कहलाता है। नायक अच्छे दिन लाने व...
अगस्त 03, 2014

POST : 447 जश्न आज़ादी का ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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         जश्न आज़ादी का ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया             नेता जी सलामी ले रहे थे। ऐसे चल रहे थे मानो कोई ठेल रहा हो। कदम थे कि उठने का ...
जुलाई 31, 2014

POST : 446 मेहरबानी दोस्त मुझे याद रखा ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

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  मेहरबानी दोस्त मुझे याद रखा ( कविता ) डॉ लोक सेतिया कब सोचा था कभी सच होगा ये सपना भी किसी को यूं ही किसी दिन आयेगा ये भी ख्याल कि...
जुलाई 30, 2014

POST : 445 नियम-कानून लागू कब होते हैं ( आलेख ) डा लोक सेतिया

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 नियम कानून लागू कब होते हैं ( आलेख ) डॉ लोक सेतिया आज इक खबर छपी है शाम के अखबार में। हरियाणा सरकार ने फतेहाबाद नगर में जो सरकारी भूमि द...
जुलाई 21, 2014

POST : 444 झूठ से दोस्ती नहीं करते ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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झूठ से दोस्ती नहीं करते ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा" झूठ से दोस्ती नहीं करते हम कभी बस यही नहीं करते । इक खुदा ने सवाल पूछ...
मई 19, 2014

POST : 443 दर्द-ए-ग़ज़ल ( एक खत ग़ज़ल का ) { तीरे-नज़र } डा लोक सेतिया

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 दर्द-ए-ग़ज़ल ( एक खत ग़ज़ल का ) { तीरे-नज़र } डा लोक सेतिया मुझे चाहने वालो , मेरा सलाम। तुम मुझे बेहद चाहते हो , मेरे दीवाने हैं दुनिया...
मई 16, 2014

POST : 442 आशिक़ी का जुनून है ( अनकही ) डॉ लोक सेतिया

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        आशिक़ी का जुनून है   ( अनकही ) डॉ लोक सेतिया        किसी दिन हम अपनी कहानी लिखेंगे ,  हम अपनी प्यास को तब पानी लिखेंगे ।  जब किसी को ...
2 टिप्‍पणियां:
मई 15, 2014

POST : 441 जब चले जायेंगे मेले के दुकानदार ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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जब चले जायेंगे मेले के दुकानदार  ( तरकश ) डा लोक सेतिया           मेला कुछ दिन का ही होता है , जब कहीं मेला लगा हो तब वहां बहुत चहल पहल ...
मई 12, 2014

POST : 440 इश्क़ में रात दिन आह भरते रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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 इश्क़ में रात दिन आह भरते रहे ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा" इश्क़ में रात दिन आह भरते रहे वो अभी आएंगे राह तकते रहे । सबकी नज़...
मई 04, 2014

POST : 439 इक हमदर्द अपना , इक हमराज़ अपना ( कहानी ) डा लोक सेतिया

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        इक हमदर्द अपना  ,  इक हमराज़ अपना  ( कहानी )                                डा लोक सेतिया         संदीप आज फिर बहुत उदास है , अ...

POST : 438 भीख की महिमा ( तरकश ) डा लोक सेतिया

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     भीख की महिमा ( तरकश ) डा लोक सेतिया        ये बात सभी धर्म के ग्रंथ एक समान कहते हैं कि जिसके पास धन दौलत , सुख सुविधा सब कुछ है मग...
अप्रैल 20, 2014

POST : 437 बिन बरसी बदली ( कहानी ) डा लोक सेतिया

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       बिन बरसी बदली ( कहानी ) डा लोक सेतिया         चालीस वर्ष बाद बस में अचानक मुलाकात हो गई राकेश और सुनीता की। कॉलेज में साथ साथ पढ़त...
अप्रैल 17, 2014

POST : 436 तेरे वादे पे ऐतबार किया ( हास-परिहास ) डा लोक सेतिया

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      तेरे वादे पे ऐतबार किया ( हास-परिहास)  डा लोक सेतिया           आप मानो चाहे न मानो , सच तो सच है। पुरुष जब वादा निभाने की घड़ी आये ...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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