Expressions by Dr Lok Setia ( डॉ लोक सेतिया का लेखन )

मेरे ब्लॉग पर मेरी ग़ज़ल कविताएं नज़्म पंजीकरण आधीन कॉपी राइट मेरे नाम सुरक्षित हैं बिना अनुमति उपयोग करना अनुचित व अपराध होगा । मैं डॉ लोक सेतिया लिखना मेरे लिए ईबादत की तरह है । ग़ज़ल मेरी चाहत है कविता नज़्म मेरे एहसास हैं। कहानियां ज़िंदगी का फ़लसफ़ा हैं । व्यंग्य रचनाएं सामाजिक सरोकार की ज़रूरत है । मेरे आलेख मेरे विचार मेरी पहचान हैं । साहित्य की सभी विधाएं मुझे पूर्ण करती हैं किसी भी एक विधा से मेरा परिचय पूरा नहीं हो सकता है । व्यंग्य और ग़ज़ल दोनों मेरा हिस्सा हैं ।

मार्च 31, 2021

POST : 1478 इक मुसाफ़िर को अभी तक कारवां की तलाश है ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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      इक मुसाफ़िर को अभी तक कारवां की तलाश है ( ग़ज़ल )                              डॉ लोक सेतिया   ' तनहा ' इक मुसाफ़िर को अभी तक कारव...
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मार्च 27, 2021

POST : 1477 मुझे चलना पसंद है ठहरना नहीं ( मेरा परिचय ) डॉ लोक सेतिया

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  मुझे चलना पसंद है ठहरना नहीं ( मेरा परिचय ) डॉ लोक सेतिया     कभी कभी खुद से अपने बारे चर्चा करता हूं। आत्मचिंतन कह सकते हैं। मुझमें ...

POST : 1400 खुद को आईने में देखना ( आत्म-अवलोकन ) डॉ लोक सेतिया

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     खुद को आईने में देखना ( आत्म-अवलोकन ) डॉ लोक सेतिया    लोग अपनी पुस्तक के पहले पन्ने पर अपने बारे में लेखन और किताब की बात कहते हैं। मु...
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मार्च 08, 2021

POST : 1476 संबंध लाल-कालीन का कंटीली राह से ( आईन की बात ) डॉ लोक सेतिया

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    संबंध लाल-कालीन का कंटीली राह से ( आईन की बात )                                  डॉ लोक सेतिया  संविधान को कहते हैं आईन जिसे घोषित किया...
मार्च 07, 2021

POST : 1475 गांव का अपना सब मकां ढूंढते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा '

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गांव का अपना सब मकां ढूंढते हैं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया ' तनहा ' गांव का अपना सब मकां ढूंढते हैं  गर्मियों की फिर छुट्टियां ढूंढते हैं...
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मार्च 02, 2021

POST : 1474 संवाद विवाह से पहले शादी के बाद ( वार्तालाप ) डॉ लोक सेतिया

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 संवाद विवाह से पहले शादी के बाद ( वार्तालाप ) डॉ लोक सेतिया        बात घर घर की है जानते हम भी हैं समझते आप भी हैं मानते नहीं ज़माने से छिपा...
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फ़रवरी 18, 2021

POST : 1473 उनकी दी सज़ा है प्यार का मज़ा है ( हास्य-व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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 उनकी दी सज़ा है प्यार का मज़ा है ( हास्य-व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  ये आशिक़ी है प्यार है वफ़ा है उनके हर सितम को करम समझना कभी नहीं थमता ये वो...
फ़रवरी 16, 2021

POST : 1472 वैक्सीन पे ऐतबार किया ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया

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      वैक्सीन पे ऐतबार किया ( तरकश ) डॉ लोक सेतिया  पहले इंतज़ार किया , नहीं खुद को बेकरार किया सोचा समझा विचार किया , फिर उनसे करार किया। इध...
फ़रवरी 13, 2021

POST : 1471 अब नहीं रोयेंगे किसी के लिए ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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अब नहीं रोयेंगे किसी के लिए ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया    ऐसे वक़्त मां की याद आती है याद करते मां दौड़ी चली आती है। मां ने फोन किया बोली मे...
फ़रवरी 12, 2021

POST : 1470 अनकही छोड़ जाएंगे हम कहानी अपनी ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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       अनकही छोड़ जाएंगे हम कहानी अपनी ( ग़ज़ल )                                 डॉ लोक सेतिया "तनहा"  अनकही छोड़ जाएंगे हम कहानी अपनी...
फ़रवरी 11, 2021

POST : 1469 अपशब्द बोलकर लीद मत खाओ ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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  अपशब्द बोलकर लीद मत खाओ ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  चलो सबसे पहले उनकी कही बात को उनके तराज़ू के पलड़े पर रखते हैं तोलते हैं बाट भी वही रखना...
फ़रवरी 10, 2021

POST : 1468 अश्क़ बहाने पर मेरा शोध ( जीवन अनुभव ) डॉ लोक सेतिया

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    अश्क़ बहाने पर मेरा शोध ( जीवन अनुभव ) डॉ लोक सेतिया    ( कुछ दोस्तों और दुश्मनों की मेहरबानी के आभार सहित फ़िल्मी गीतों ग़ज़लों का आभारी हू...
फ़रवरी 09, 2021

POST : 1467 एक के बदले सौ मिलेंगे ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया ( व्यंग्य भी साथ चार ग़ज़ल भी )

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   एक के बदले सौ मिलेंगे ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया                     ( व्यंग्य भी साथ चार ग़ज़ल भी ) ये भी नोटबंदी की तरह ही है मगर क्यों...
फ़रवरी 08, 2021

POST : 1466 मौका मिला है राज चलाओ ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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      मौका मिला है राज चलाओ ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  ये समझो और समझाओ मौका मिल जाये तो मत शर्माओ जो चाहो करते जाओ अपनी भूख प्यास मिटाओ पाछ...
फ़रवरी 07, 2021

POST : 1465 शक़्ल नहीं तस्वीर है आईने में ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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      शक़्ल नहीं तस्वीर है आईने में ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  बड़ा नाम सुना था बाज़ार है सच वाले आईने हैं हर शोरूम दुकान फुटपाथ से चलते फिरते ...
फ़रवरी 06, 2021

POST : 1464 मयक़दा बन गया है बाम अपना ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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 मयक़दा बन गया है बाम अपना ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"    मयक़दा बन गया है बाम अपना  फिर भी खाली रहा है जाम अपना ।    अब नहीं आएंगे...
फ़रवरी 05, 2021

POST : 1463 किस तरह कहें यहां कुछ भी नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"

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 किस तरह कहें यहां कुछ भी नहीं ( ग़ज़ल ) डॉ लोक सेतिया "तनहा"  किस तरह कहें यहां कुछ भी नहीं  जो कही वो दास्तां कुछ भी नहीं ।    लो ...

POST : 1462 मुलाक़ात हुई क्या बात हुई ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

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   मुलाक़ात हुई क्या बात हुई ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया  कौन बड़ा कौन छोटा कठिन है बताना हमको क्या मतलब खाना खिलाना उनका याराना नया है मगर प...
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फ़रवरी 03, 2021

POST : 1461 ऊंचे किले बंद दरवाज़े और हवेली ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया

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   ऊंचे किले बंद दरवाज़े और हवेली ( व्यंग्य ) डॉ लोक सेतिया  कभी कभी डरावने साये नज़र आने लगते हैं तब बड़े बड़े ताकतवर लोग घबरा जाते हैं। ऐसे म...
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पांच पुस्तकें प्रकाशित :- ग़ज़ल , कविता , कहानी , व्यंग्य , हास्य- व्यंग्य विधाओं की हुई हैं।

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Dr. Lok Setia
Fatehabad, Haryana, India
प्रकाशित पुस्तकें :- फ़लसफ़ा -ए - ज़िंदगी ( ग़ज़ल संग्रह ) , एहसासों के फूल ( कविता संग्रह ) , हमारे वक़्त की अनुगूंज ( व्यंग्य रचना संग्रह ) , दास्तानें ज़िन्दगी ( कहानी संग्रह ) , शून्यकाल का आलाप ( हास्य-व्यंग्य रचना संग्रह )
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