Wednesday, 9 May 2018

पंद्रह मिंट सच बोलने का चेलेंज ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

 पंद्रह मिंट सच बोलने का चेलेंज ( हास-परिहास ) डॉ लोक सेतिया

   ये क्या किया आपने बिना कागज़ पढ़े पंद्रह मिंट बोलने का चैलेंज देकर। कुछ तो सोचा करो , सामने वाला भी आपको ऐसे ही कुछ चैलेंज दे अगर लिख कर अपने सभी अधिकारियों से और सभी सरकारी सूचनाओं को उपयोग कर यहां तक कि अपनी सभी ऐप्स के और सभी विभागों से आंकड़े लेकर भी आपको कुछ मिंट केवल सच बोलने का चैलेंज दे तो क्या होगा। कर सकते हो साहस सच सच बताने का अपनी सरकार के चार साल के कामों के बारे में। अपने सहयोगी और विशेष सलाहकार की बात से हैरान हुए नेता जी। बोलना चाहते थे मगर सच बोलने की शर्त सुनते पसीना आ गया। उनकी दुविधा समझ सलाहकार कहने लगे आपको चिंता नहीं करनी मैंने सब जानकारी लिख रखी है , मगर पढ़कर नहीं सुना सकता क्योंकि मुझे डर है सुनकर आप अपने आपसे नहीं मिलना चाहोगे। लो ज़रा पढ़कर देखे आपने चार साल में क्या क्या किया है। अब नेता जी से चुप नहीं रहा गया , बोले सब मालूम है जो जो जानकारी आपने हासिल की है , मगर उसे छोड़ मुझे कुछ तो इस तरह का मेरा किया हुआ बताओ जो अभी तक किसी भी पहले इस पद पर रहे नेता ने नहीं किया हो , इतिहास में लिख सकते हैं ये केवल मैंने ही किया। अभयदान लेकर उनकी इस इच्छा को पूरा किया आखिर सलाहकार महोदय ने। जो कहा शब्द बा शब्द बता रहा हूं।
       आज तक किसी भी देश क्या विश्व के पी एम ने इतने झूठ नहीं बोले और न ही कोई आपके इस विश्व कीर्तिमान को तोड़ सकता है। खुद अपने आप पर जितना धन आपने बर्बाद किया है जनता का आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने किया नहीं है। सत्ता दुरूपयोग कर अपने ख़ास लोगों को लाभ के ऊंचे ऊंचे पदों पर बिठवाने का अपराध आपसे बढ़कर किया नहीं किसी ने भी। परिवारवाद का विरोध करने वाले से ऐसा करना तो और भी अधिक अनुचित है। आपने कितनी योजनाएं घोषित की मगर किसी को भी सफलता से लागू किया नहीं कभी भी। नाकाम योजनाओं में भी आपका नाम सब से ऊपर है। सब से गलत बात आपने कभी देशहित और जनहित को अपने और अपने दलहित से अधिक महत्व नहीं दिया बल्कि खुद को सब से महान साबित करने में लगे रहे। आपकी हालत तो उस एक दोहे के अनुसार है , आये थे हरि भजन को , ओटन लगे कपास। इस देश की जनता को आदत है माफ़ करने की , कर सकती है। मगर कोई और ऊपर वाला है जो सब देख रहा है , तुम उस से डरना जिसके नाम पर क्या क्या नहीं किया। बोलने लगा तो चार साल लग सकते हैं मगर संक्षेप में कुछ मिंट ही बोलना था। समझ गए हो।

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