Saturday, 12 May 2018

सत्येंद्र दुबे की आत्मा की पुकार ( देश और राज्य की सरकार से फरियाद ) डॉ लोक सेतिया

                  सत्येंद्र दुबे की आत्मा की पुकार 

            ( देश और राज्य की सरकार से फरियाद ) 

                           डॉ लोक सेतिया

    आज के युग में हैं कितने लोग जो निडर होकर सच बोलते हैं ताकि देश और समाज से भ्र्ष्टाचार को खत्म किया जा सके। स्वर्गवासी सत्येंद्र दुबे की आत्मा चीख चीख कर कहना चाहती है देश और समाज की खातिर सच बोलने वालों की जान को सस्ती नहीं समझो। आज भी सरकारी विभाग के लोग उन आपराधिक लोगों का साथ देने को सच बोलने वालों को अनुचित रूप से परेशानी देकर देश और अपने कर्तव्य के साथ गलत कर रहे हैं। आपके पास पाने को धन दौलत सुख सुविधा बहुत कुछ है मगर खोने को ईमान थोड़ा तो बचा कर रखना। इस देश को आज़ाद करवाने वालों को इस बात का कभी पता नहीं था कि आज़ादी का अर्थ सत्ता और अधिकारों का उपयोग ऐसे भी किया जाएगा। जिस बाग़ को बाढ़ ही खाने लगे , रक्षक ही भक्षक बन कर लूट और अपराध करने वालों के साथ खड़े हों उस देश का भविष्य कितना भयानक हो सकता है , सोचोगे तो रूह कांप उठेगी। संभल जाओ। जो गलती अटल बिहारी वाजपेयी के समय पीएमओ ने की उसे हर दफ्तर में फिर से दोहराया जा रहा है।

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