Thursday, 5 April 2018

ग़ज़ल 224 ( हमीं नहीं थे गलत , न तुम हमेशा सही , मिला खुदा जो कभी , सवाल करना यही ) डॉ लोक सेतिया " तनहा "

ग़ज़ल 224  ( हमीं नहीं थे गलत , न तुम हमेशा सही , मिला खुदा जो कभी , सवाल करना यही ) डॉ लोक सेतिया " तनहा "


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