Friday, 9 June 2017

Suraaj Aasmaan Par Dharti Par Raat hai ( Kavita ) Dr. Lok Setia

              भगवान हुए परेशान ( हास-परिहास )

                                डॉ लोक सेतिया

भगवान सदियों से सोये हुए थे , आखिर उनको जगाना ही पड़ा ,
हर पत्नी का यही तो फ़र्ज़ है , पत्नी को भी उसे निभाना ही पड़ा। 
उठे नहाये धोये खाया पिया , तब उसको कर्तव्य बताना ही पड़ा ,
जाओ दुनिया का हाल भी देखो , परमेश्वर को समझाना ही पड़ा।

पता चला कहीं भीड़ लगी है , चले गए भगवान उसी जगह पर ,
लेकिन इतना शोर था सभा में , सुनते हर कोई जाएगा ही डर। 
चढ़ गए भगवान मंच पर जब , किसी की नहीं उनपे पड़ी नज़र ,
कोई नेता जिस दिशा से आ रहा , सभी देखने लग गए थे उधर। 

आखिर उनको समझ नहीं आया , ये कोई क्या है हुआ अवतार ,
सब सर उसी को झुकाए खड़े हैं , करते उसी की जय-जयकार। 
संचालक को परिचय देकर तब , कहने लगे दुनिया के पालनहार ,
खुद मैं आया हूं धरती पर आज , करने सब दुखियों का उद्धार। 

मंच संचालक ने मांगा तब , परिचय पत्र वोटर कार्ड आधार ,
भगवान के पास नहीं था लेकिन , कुछ भी सरकारी  पत्राचार। 
समझाया भगवान को तब यही , नहीं मिलेगा कुछ भी इधर ,
जाकर कहीं और ढूंढो अपने लिए , जगह कोई कोई घरबार। 

बहुत सभाएं देखी जा जाकर , नहीं दे पाए अपनी पहचान ,
कैसे किसको प्रमाणित करते , वही है दुनिया के भगवान। 
हालत खराब देख आया इक लेखक , पूछा क्या हुआ नादान ,
अब तुझे कोई कैसे जानेगा यहां पर , बना लिए कितने भगवान।

कोई नेता बना खुदा है , कोई खिलाड़ी बन गया है भगवान ,
अभिनेता कोई ईश्वर है सबका , देवी देवता उसकी हर संतान। 
तुम तो पत्थर की मूरत बनकर , बैठे मग्न देखते अपनी शान ,
कोई तुमको प्रवेश नहीं देगा , तुम ऐसे हो गए अब मेहमान। 

असली असली सब असली  पर , नकली नकली इक भगवान ,
नकली असली और मैं नकली हूं , भगवान भी देख हैं हैरान। 
वापस जाना भी बहुत कठिन है , आया था ले कितने अरमान ,
सच बताया जाकर पत्नी को गर , घर से बाहर होगा सामान। 

घूम रहा इधर उधर समझाता , इस दुनिया का हूं मैं भगवान ,
सब को कोई पागल लगता है , अपना नाम हुआ ऐसा बदनाम।
लेखक से ही जाकर पूछा उपाय , क्या मेरा लिखोगे अंजाम ,
रिटायर हो जाओ यही उचित है , नहीं करने को कोई अब काम। 

सब जाते जाने किधर किधर , सोच वहीं मिलता है भगवान ,
सामने आये जब खुदा भी तब , कहते जाओ छोड़ो भी जान। 
धर्म कर्म किसको चाहिए अब , झूठे रटते रहते कोई नाम ,
ये सारे भगवान खुद ही बने हैं , तुम किस के हो अब भगवान। 

देख दशा भगवान की आई समझ मुझको इतनी सी बात है ,
सूरज आसमान पर चमक रहा है अंधियारी फिर भी रात है।

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