Sunday, 7 May 2017

Dil Se Khelte Daulat Wale ( Vyangya ) Dr. Lok Setia

दिल को कभी दौलत के तराज़ू में नहीं तोला जाता , जिस पलड़े में तुले मुहब्बत उसमें चांदी नहीं तोलना , याद आया बॉबी फिल्म का गीत। मगर तब की बात और थी वो दौर और था , दिल प्यार की निशानी उसकी कहानी उसके गीत ग़ज़ल कविता हुए करते थे। आज दिल इक कारोबार का साधन है दिल के डॉक्टर करोड़ों की टर्नओवर का धंधा कर रहे हैं। व्हट्सऐप पर इक दिल का धंधा करने वाले डॉक्टर का मैसेज आया है कैसे दिल को बचा कर रख सकते हैं। भला घोड़ा घास से यारी करेगा तो खायेगा क्या , वही और उन जैसे तमाम डॉक्टर कभी नहीं चाहते लोग दिल की बीमारी से बचे रहें। हर दिन नए नए तरीके अपनाते हैं , शहर शहर छोटे डॉक्टर्स को हिस्सा देते हैं उनके भेजे मरीज़ की ली फीस से। जितने भी मरीज़ आएं उनको थोड़े लगते हैं , इक बार नाम पहचान बन गई तो अपने नाम पर कितने हॉस्पिटल खुलवा लेते हैं। अब कौन वहां किस का ऑप्रेशन करता है किसे पता , और कितनो को वास्तव में ज़रूरत थी कितनो का कमाई को किया ऑप्रेशन किसे सोचना है। हर कोई आजकल अपने आप को बेचना चाहता है , अपना नाम बेच हज़ारों करोड़ का कारोबार करने वाले भगवा वेशधारी हैं तो खिलाड़ी भी अभिनेता भी। पैसा पैसा पैसा। मगर दिल को तो बख्श देते भाई दिल को खिलौना नहीं जिस से आप खेल रहे हैं। मैंने आज दिल से पूछा क्या हाल है , उसने जो जवाब दिया वही लिखता हूं आगे आप ध्यान पूर्वक पढ़ना और दिल से काम लेना दिमाग से नहीं। ये दिमाग बस अपने फायदे की बात समझता है और अपने मुनाफे की खातिर तर्क भी घड़ लिया करता है। जैसे ये दिल के डॉक्टर चाहते कुछ और जतलाना कुछ और चाहते हैं। दिल की दर्द भरी दास्तां अब पढ़ो।
                   ये आज की बात नहीं है , मेरे नाम पर हमेशा से लोग खेल खेलते आये हैं। भला किसी पर कोई आशिक हुआ तो बीच में मैं कहां से आ गया। दिल हूं कोई पागल नहीं , धड़कना मेरी आदत है , मेरी धड़कन में किसी का नाम नहीं , अगर अभी भी गलतफहमी है तो अँजिओग्राफी करा देख लो। जब दिल वाले डॉक्टर का उपकरण जाता कोई दूसरा घायल नहीं होता जिसका दावा हो दिल में रहने का। मुझे बिना कारण बदनाम किया जाता रहा , कोई किसी को पत्थर दिल कहता अगर उसके प्यार को नहीं माना दूसरे ने। दिल तो है दिल दिल का ऐतबार क्या कीजे , हद हो गई दिल ही तो है जो आपको ज़िंदा रखता हर हाल में , अगर मुझ पर नहीं तो फिर किस पर ऐतबार करोगे। आपके पैदा होने से पहले से धड़कना शुरू करता और आखिरी सांस तलक साथ निभाता और क्या सबूत चाहते भरोसा करने को। कोई और है आपका अपना या दोस्त तो क्या शरीर का कोई अंग भी। आजकल हर कोई दिल को बचाने को सब करना चाहता है , जैसे दिल की बिमारी नहीं होती तो कोई मरता ही नहीं , सभी हज़ारों साल ज़िंदा रहते और जब चाहते इच्छा मृत्यु पा स्वर्ग सिधार जाते। खुद दिल के डॉक्टर भी दिल का ख्याल नहीं रख पाए और पता ही नहीं चला खुद उनको कब ये नामुराद रोग लग गया। दिल लगाने की बात करते और दिल को बचाना भी चाहते , दिल का रोग बुरा नहीं कभी विचार करना।
                               मैं तो तभी से हैरान था जब से दिल की तरह के गुब्बारे बाज़ार में बिकने लगे थे , लोग इक दूजे को अठन्नी का गुब्बारा देकर कहते ये लो मेरा दिल तुम्हारा हुआ। कोई आशिक ने किया साहस अपना दिल सीने से निकलवा किसी को उपहार में देने का। अब तो दिल भी बदलने लगे हैं डॉक्टर , अब क्या नया वाला लगवाया दिल उसी से मुहब्बत करेगा जिस से वो पुराना बीमार हुआ दिल करता था। या जो प्यार करते वो कहेंगे जनाब आपने तो उस दिल को ही बदलवा लिया जिस में हम रहा करते थे। कौन जाने इस किसी और के दिल को किस से प्यार था और वही बसता होगा अभी भी इसी में। क्योंकि प्यार तो कभी मरता ही नहीं , मौत के बाद भी ज़िंदा रहता है। मेरी मुब्बत जवां रहेगी सदा रही है सदा रहेगी। चिता में जलके भी न मिटेगी , सदा रही है सदा रहेगी। अब तो संभल जाओ मान भी जाओ दिल पर किसी का ज़ोर नहीं , दिल को इस तरह ज़ोर ज़बरदस्ती मत धड़काओ। आपने दिल के नाम पर कितने खेल खेले अभी तक , मैंने कुछ नहीं कहा। लेकिन अब कोई दिल को धनवान बनने का साधन बना रहा तो आप सब मुझ दिल नादान को अपनी मौत का सामान समझ बैठे हो। मेरी चिंता छोडो दिल खोल कर जीना सीखो , ऐसे तो आप हर दिन मरते हो , भला मेरे धड़कते आपको चिंता की क्या ज़रूरत है। आपको जो बात कोई डॉक्टर नहीं समझा सकता मैं बताता हूं , बेकार दिल की चिंता में दिल को रोगी नहीं बनाओ। चिंता चिता समान है , चिंता मुक्त होकर जीना सीखो , दिल खुश रहेगा तो कभी दग़ा नहीं देगा। दिल वाले डॉक्टर की नहीं मेरी सुनो खुद अपने दिल की।

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