Wednesday, 20 February 2013

ग़ज़ल 1 7 6 ( हो गया क्यों किसी को प्यार है )

हो गया क्यों किसी को प्यार है ,
बस इसी बात पर तकरार है !
कौन आकर हमारे ख़्वाब में ,
खुद बुलाता हमें उस पार है !
कुछ खबर तक नहीं हमको हुई ,
जुड़ गया दिल से दिल का तार है !
धर्म के नाम पर दंगे हुए ,
जल गया आग में गुलज़ार है !
रोग जाने उसे क्या हो गया ,
चारागर लग रहा बीमार है !
हर कदम डगमगा कर रख रही ,
चल रही इस तरह सरकार है !
शर्त रख दी थी "तनहा" प्यार में ,
कर दिया इसलिये इनकार है !

No comments: