Sunday, 20 January 2013

ग़ज़ल 9 3 ( खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार )

खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार ,
महकी महकी फिज़ाओं पे आता है प्यार !
उनका दामन हवाओं में उड़ने लगा है ,
हमको ऐसी हवाओं पे आता है प्यार !
रात भर हम नहीं सो सके डर के मारे ,
उनको काली घटाओं पे आता है प्यार !
वक़्त आने पे सब छोड़ जाते हैं साथ ,
यूं तो सारे खुदाओं पे आता है प्यार !
उनको सिजदा करो, सर झुका के हज़ूर ,
ऐसे उनको दुआओं पे आता है प्यार !
देख लो ये कहां पर है लाई हयात ,
अब हमें इन कज़ाओं पे आता है प्यार !

No comments: