Sunday, 20 January 2013

ग़ज़ल 9 3 ( खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार ) - लोक सेतिया "तनहा"

 खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार - लोक सेतिया "तनहा"

खूबसूरत अदाओं पे आता है प्यार ,
महकी महकी फिज़ाओं पे आता है प्यार।

उनका दामन हवाओं में उड़ने लगा है ,
हमको ऐसी हवाओं पे आता है प्यार।

रात भर हम नहीं सो सके डर के मारे ,
उनको काली घटाओं पे आता है प्यार।

वक़्त आने पे सब छोड़ जाते हैं साथ ,
यूं तो सारे खुदाओं पे आता है प्यार।

उनको सिजदा करो, सर झुका के हज़ूर ,
ऐसे उनको दुआओं पे आता है प्यार।

देख लो ये कहां पर है लाई हयात ,
अब हमें इन कज़ाओं पे आता है प्यार। 

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