Saturday, 29 December 2012

ग़ज़ल 7 5 ( प्यार की बात मुझसे वो करने लगा ) - लोक सेतिया "तनहा"

प्यार की बात मुझसे वो करने लगा - लोक सेतिया "तनहा"

प्यार की बात मुझसे वो करने लगा ,
दिल मेरा क्यों न जाने था डरने लगा।

मिल के हमने बनाया था इक आशियां ,
है वही तिनका तिनका बिखरने लगा।

दीनो-दुनिया को भूला वही प्यार में ,
जब किसी का मुकद्दर संवरने लगा।

दर्दमंदों की सुन कर के चीखो पुकार ,
है फ़रिश्ता ज़मीं पे उतरने लगा।

जो कफ़स छोड़ उड़ने को बेताब था ,
पर सय्याद उसी के कतरने लगा।

था जो अपना वो बेगाना लगने लगा ,
जब मुखौटा था उसका उतरने लगा।

उम्र भर साथ देने की खाई कसम ,
खुद ही "तनहा" मगर अब मुकरने लगा। 

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