Tuesday, 16 October 2012

किया था वादा तुमने कृष्ण ( कविता ) 5 6 भाग दो ( डॉ लोक सेतिया )

धरती पर बढ़ जाता है ,
जब अधर्म ,
उसका अंत करने को ,
लेते हो तुम जन्म ,
गीता में कहा था तुमने ,
हे कृष्ण !!
आज हमें हर तरफ ,
आ रहे हैं नज़र ,
कितने ही कंस हैं,
तुम्हारी जन्म भूमि पर  ! !
हम हर वर्ष ,
मनाते हैं जन्माष्टमी का त्यौहार ,
रख कर दिल में उम्मीद  ,
कि आओगे तुम ,
निभाने अपना वादा ,
और कर दोगे अंत इन सब का !!
क्या भूल गये ,
अपना किया वादा तुम ,
अच्छा होता ,
न करते तुम ऐसा वादा ,
दिया होता गीता में ,
सब को ये सन्देश ,
कि हम सब को ,
स्वयं बनना होगा कृष्ण ,
पाप और अधर्म का ,
अंत करने के लिये  ,
तब शायद न ले पाते ,
नित नये नये कंस जन्म,
इस धरती पर ! 
हे कृष्ण !!

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