Wednesday, 24 October 2012

नहीं आता हमें ( नज़्म ) 3 5 भाग एक ( डॉ लोक सेतिया )

नहीं आता हमें ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया

लगाना दिल नहीं आता हमें ,
दुखाना दिल नहीं आता हमें।

मिलाना हाथ आता है मगर ,
मिलाना दिल नहीं आता हमें।

उन्हें आता नहीं हम पर यकीं ,
दिखाना दिल नहीं आता हमें।

हमें सब को मनाना आ गया ,
मनाना दिल नहीं आता हमें।

तुम्हारा दिल तुम्हारे पास है ,
चुराना दिल नहीं आता हमें।

बहुत चाहा नहीं माना कभी ,
रिझाना दिल नहीं आता हमें।

जिसे देना था "तनहा" दे दिया ,
बचाना दिल नहीं आता हमें।

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