Thursday, 20 September 2012

काल्पनिक संसार ( कविता ) 3 7 भाग दो ( डॉ लोक सेतिया )

काल्पनिक संसार ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

दर्द भरे गीत ,
पुरानी फ़िल्में  ,
कुछ  कहानियां ,
कविताएं ,
ग़ज़लें ,
लगती हैं मुझे अच्छी।

उस काल्पनिक संसार के ,
कई  नायक ,
नायिका ,
बन गए हैं ,
मेरे लिए एक आदर्श  ,
खोजता हूं उनको ,
अपने आस पास जीवन में।

क्योंकि उन सब में  ,
आती है नज़र मुझे झलक ,
प्यार ,
सदभावना व ,
मानवता के आदर्शों की।

अपने रिश्तों की ,
वास्तविक दुनिया में  ,
नहीं खोज पाते ,
हम जिन्हें कभी ,
बस करते रह जाते हैं ,
सदा उनकी तलाश।

काश हमें मिल जाते  ,
कविता,
कहानी और पुरानी फिल्मों ,
के पात्रों जैसे ,
लोग वास्तविक जीवन में भी।

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