Sunday, 19 August 2012

वो दर्द कहानी बन गया ( नज़्म ) डॉ लोक सेतिया = 1 4 भाग एक

वो दर्द कहानी बन गया ,
इक याद पुरानी बन गया  !
पत्र जो वापस मिला मुझे ,
वो उसकी निशानी बन गया !
उसकी महफ़िल में जाना ही ,
मेरी नादानी बन गया  !
लबों तक बात आ न सकी ,
पलकों का पानी बन गया  !
उनका पूछना हाल मेरा ,
इक मेहरबानी बन गया  !

No comments: