Saturday, 18 August 2012

मैं रहूंगा हमेशा ( कविता ) 1 3 डॉ लोक सेतिया

1 3     मैं रहूंगा हमेशा ( कविता ) डॉ लोक सेतिया

जिवित रहूंगा मैं
अपने लेखन में
हमेशा।

मौत भी
नहीं मिटा सकेगी
दुनिया से
मेरा अस्तित्व।

जब भी चाहो
मिलना तुम मुझसे
और चाहो
मेरे करीब होने का
करना  एहसास तुम
पढ़ लेना
फिर से एक बार मुझे।

होगा हर बार
तुम्हें आभास
मेरे पास होने का
मरते नहीं हैं विचार कभी भी। 

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