Saturday, 7 July 2012

मन की बात ( कविता ) 0 8 भाग दो ( डॉ लोक सेतिया )

देख कर किसी को ,
बढ़ गई ,
दिल की धड़कन ,
समा गया कोई ,
मन की गहराईओं में ,
किसी की ,
मधुर कल्पनाओं में ,
खोए  रहे रात दिन ,
जागते रहे ,
किसी की यादों में ,
रात - रात भर ,
करते रहे सपनों में ,
उनसे मुलाकातें ,
चाहा कि बना लें उन्हें ,
साथी उम्र भर के लिए ,
हर बार रह गया मगर ,
फासला ,
कुछ क़दमों का ,
हमारे बीच ,
उनकी नज़रें ,
करती रहीं इंतज़ार , 
खामोश सवाल के ,
जवाब का ,
पर हम ,
साहस न कर सके ,
प्यार का इज़हार ,
करने का कभी ,
लबों पे ला न पाए ,
दिल की बात हम!!
                                                       

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